PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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Why this blog?


 

दोस्तो,
       यहाँ मैं दावे के साथ कह सकता हूँ की मेरी ये website आपका भाग्य, सौभाग्य में बदल देगी

       इसकी मदद से आप वो सब कुछ पा लोगे जो आप सच में पाना चाहते हो या उससे भी कहीं ज्यादा …. बहुत ज्यादा ।

कैसे ?
How it will change your fortune?

दोस्तो,
                                                      भाग्य मतलब …………हमारे अपने कर्मों का फल 

       इसका सीधा सा मतलब यह हुआ कि यदि हम अच्छे कर्म करेंगे, तो हमारा भाग्य स्वयं ही हमारे सौभाग्य में बदल जाएगा ।  

       तो यहाँ हमें कर्म के बारे में जानना होगा ।  

       हमारे शास्त्रों क अनुसार कर्म तीन तरह से किया जाता है…………..

                                       मनसा :  मन के द्वारा    :    ( मतलब हमारी अपनी सोच के माध्यम से)

                                       वाचा  :  वाणी के द्वारा   :    ( मतलब हमारी बोल चाल के माध्यम से)

                                      कर्मणा :  कर्म  के  द्वारा  :    (मतलब हाथ पैरों के माध्यम से……..physically)

 इसको हम इस तरह से समझ सकते हैं की………

                     एक company को एक  product launch करना है…………….

        तो सबसे पहले कंपनी प्रबंधन (company management ) पूरी strategy , policy plan करेगा …….ये पूरी तरह से दिमागी कसरत है

       ( मतलब सबसे पहले कर्म मन के स्तर पर किया जाएगा)

        उसके बाद पूरे प्लान को कागज पर स्टेटमेंट (statement) के रूप में उतारा जाएगा ताकि सभी विभागों (departments) को उनके काम समझाए (instruction) जा सकें (मतलब काम वाणी के स्तर पर )

        उसके बाद सबसे अंत में physical work होगा मतलब product making and marketing (मतलब physical स्तर पर काम किया जाएगा)

 इसे दूसरे रूप में ………               

        यदि हम अपना मकान बनबाना चाहें तो सबसे पहले मकान की रूप-रेखा हमारे मन में बनेगी …………..मकान दिखने में कैसा होगा? बजट क्या होगा? मकान से सम्बंधित ज्यादातर चीजें हम पहले से ही सोच लेंगे ( मतलब सबसे पहले कर्म मन के स्तर पर किया जाएगा)

        उसी के आधार पर हम मकान का डिज़ाइन (design) बन बायेंगे और फिर डिज़ाइन के आधार पर ही हम मकान बनाने वाले ठेकेदार (contractor) को पूरा काम बता देंगे की हम कैसा मकान बनबाना चाहते है? क्या चीज कहाँ होनी चाहिए……कितना साइज़ होगा …सब कुछ जो हम चाहते हैं… (मतलब काम  वाणी के स्तर पर )

       और उसके बाद काम शुरू किया जाएगा (ईट, सीमेंट, सरिया आदि से मकान बना दिया जाएगा (मतलब physical स्तर पर काम किया जाएगा)

 यहाँ ये कहा जा सकता है की company product की सफलता या असफलता पूरी तरह से प्लानिंग  planning पार्ट ( मतलब सबसे पहले जो कर्म मन के स्तर  पर किया जाएगा ) पर ही निर्भर करेगी. जितनी बेहतर ये planning होगी  result  भी  उतने ही लाजबाब/शानदार होंगे.

       यही नियम मकान के बनाने में भी लागू होंगे और यही हमारे जीवन के हर पहलु पर……………..

               इसी तरह से हमारी सफलता में (80%-85%) योगदान हमारे मन/सोच के स्तर पर किये गये कर्म पर आधारित होता है 10% वचन के स्तर पर और शेष 5% physical स्तर पर

                                                 क्योंकि…

                                                                      “ जैसा हम सोचते हैं,

                                                                        वैसा ही हम बोलते हैं,

                                                                                     और वैसा ही हम करते हैं ”

     मेरी website इसी theme पर develope की गयी है…

हमारी website का असली मकसद….

  • आपको अपने आप को जानने /पहचानने/ समझने में मदद करना ।
  • आपको ये बताने में मदद करना की आप वाकई में चाहते क्या हैं?
  • आपकी क्या शक्ति/कमजोरी (strength/weakness) हैं? आप अपनी कमजोरी को कैसे अपनी ताकत में बदल सकते हो?
  • आपको इस बात के लिए प्रेरित करना की आपके इस अमूल्य जीवन का मकसद क्या है? और आप इसे कैसे हासिल कर सकते हैं?
  • आपकी सोच को इस तरह से विकसित करना ताकि आप ये अच्छे से जान सकें की आपके लिए सही क्या और गलत क्या?
  • आपको मन से हर तरह का डर ख़तम करके आपको निडर बनाना।
  • आपकी निर्णय क्षमता को निखारना ताकि आप अच्छे व दूरदर्शी निर्णय ले सकें ।
  • आपको ये विश्वास दिलाना कि आप इस दुनिया में असाधारण (unique)प्रतिभा के धनी हैं. आपका कोई भी substitute (विकल्प) नहीं हैं आप जो चाहो आप वो पा सकते हो
  • आप परम पिता परमेश्वर की संतान हो और आप किसी से भी किसी भी तरह से कम नहीं हो ।
  • आपको अपने ऊपर अटूट विश्वास करने में मदद करना ।
  • आपको जीवन के हर पहलु में हर तरह से शशक्त बनाना ।
  • Continue…

दोस्तों,

         मेरा और मेरी website का केवल और केवल एक ही मकसद है और वो है…

आपकी सोच को बेहतर से बेहतर बनाना

दोस्तों,

        आपको जानकर हैरानी होगी कि सारा कमाल सोच का ही तो है,         

                             क्योंकि……………..

                                                           “यदि आप अच्छा सोचोगे,

                                                                          तो आप अच्छा ही बोलोगे,

                                                                                     और निश्चित ही अच्छा करोगे ”

       और जब आप अच्छा करोगे तो आप अपने भाग्य को सौभाग्य और अपने आप को सौभाग्याशाली बना लोगे ।

दोस्तो,

             जैसा की मैंने कहा था की हमारे समाज/ देश की सभी समस्याओं का केवल और केवल एक ही कारण है… वो है…

स्वयं पर यकीन न करना (lack of self confidence)

            तो यहाँ मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि………..

           आपकी ये WEBSITE इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर देगी । और आप अपनी जिंदगी को बेहतर से बेहतरीन (आन /वान /शान) तरीके से जियेंगे ।

 


WHY…. HINDI & ENGLISH ?


   दोस्तो,

    जैसा की मैंने आपको बताया की मेरा और मेरी WEBSITE का केवल और केवल एक ही मकसद है और वो है…………….

आपकी सोच को बेहतर से बेहतर बनाना

                               और जब बात सोच की आती है तो यहाँ ये जानना भी जरुरी है की हमारी सोच सबसे ज्यादा अपनी मातृभाषा में ही विकसित होती है (ये वैज्ञानिक द्वारा (scientific proven) प्रमाणित है ) चूँकि आज समाज में अंग्रेजी english का भी बोलवाला है और ये वक़्त की जरूरत भी है इसी कारण से मैंने 80% content हिंदी में 20% content  इंग्लिश में रखा है।

           मकसद सिर्फ इतना है की हमारी सोच बेहतरीन हो और हम किसी से किसी भी तरह से पीछे न रह पायें ।


Tagline (आओ अपना आज सँवारें ) …why???


      दोस्तों,

          हमारे आने वाले कल की खुशियाँ (अपने सपनों की हकीकत) पूरी तरह से हमारे आज में छिपी होती हैं, क्यूंकि यदि हमारा आज अच्छा है तो आने वाला कल निश्चित ही खुशहाल होगा ।

          यही कारण है की हमारा main focus हमारे आज को सजाने संवारने का है । 

          हम अपना आज कैसे अच्छा बनायें ? यही हमारे जीवन का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए, क्यूंकि हमारा पूरा जीवन हमारे आज की सफलता पर ही निर्भर करता है ।