PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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क्रोध से, कैसे रहें दूर ???

By on April 5th, 2017

 

क्रोध से कैसे रहें दूर ???

 

दोस्तो,

            एक शहर में Boby नाम का एक व्यापारी (Business Man) रहता था ! Boby का एक ही सपना था कि उनका बेटा बड़ा होकर IIT से इंजीनीयरिंग की पढाई करे और काबिल Engineer बनकर उनका और उनके देश का नाम रौशन करे ! अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए Boby ने अपने बेटे Chintu को शुरू से ही अच्छे से अच्छे school में पढ़ाया ! अच्छी बात यह थी कि Chintu, पढ़ने में बहुत होशियार (Brilliant)  था ! Chintu ने 10th और 12th exam में अपने जिले में Top position हासिल की थी !

       12th पास करते ही, Boby ने Chintu को कोटा (राजस्थान) की एक नामी-गिरामी Coaching – Center में Admission दिला दिया, ताकि वो अच्छे से पढाई करके IIT में जगह पाने में सफल हो जाए ! घर पर सब लोग बहुत खुश थे ! सबको अब यह यकीन हो चला था कि, उनका Chintu आसानी से IIT में Admission पा लेगा !

        Finally वो शुभ दिन आ ही गया ! आज Chintu का  IIT का Entrance Exam (प्रवेश-परीक्षा)  था ! Boby मन ही मन बहुत खुश था ! उसे अपना सपना सच होता हुआ दिखाई दे रहा था ! Exam की तैयारी पूरी हो चुकी थी ! Boby ख़ुशी-ख़ुशी Chintu के साथ कार में बैठकर Exam दिलाने  के लिए निकल पड़ा !

        Boby : Exam Center पर जल्दी से जल्दी पहुंचना चाहता था ! जल्दबाजी के चक्कर में, उसकी कार एक अन्य कार वाले से थोड़ी सी टकरा गयी – जिससे Boby की कार पर थोड़े scratch (खरोंच) आ गये ! इस पर Boby को बहुत गुस्सा आया ! उसने आव न देखा ताव (बिना सोचे समझे ही) सामने वाली कार के मालिक के गाल पर दो चांटे चिपका दिए ! सामने वाला भी कम नहीं था ! उसने भी अपनी Hockey से Boby और Chintu दोनों को धो दिया ! छोटी सी बात इतनी ज्यादा बढ़ गयी कि बीच-बचाव के लिए police को बुलाना पड़ा ! जिसका नतीजा यह हुआ कि police ने दोनों को उठा कर जेल में बंद कर दिया !

        Boby को जब अपनी गलती का अहसास हुआ, तो वो police के सामने गिडगिडाने लगा ! उसने कहा कि आज उसके बेटे का IIT का पेपर है – उसे जाने दें : लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और सार्वजनिक स्थान पर गुंडा-गर्दी फैलाने और गलत तरह से गाडी चलाने के जुर्म में उनको जेल में डाल दिया ! आज उस मामले को 3 वर्ष हो गये हैं ! लेकिन आज भी दोनों बाप-बेटों को मुक़दमे की तारीख पर कोर्ट में जाना पड़ता है !

        Boby अब, अपने किये पर बहुत पछताता है ! वो सोचता है कि, काश-उस समय उसने गुस्सा न किया होता, तो आज उसका बेटा IIT में होता ! Police case हो जाने से बेटे का Career भी चौपट हो गया ! अब Chintu एक college से B.A की पढ़ाई कर रहा है ! Boby की थोड़ी सी गुस्सा ने : उसका और उसके बेटे दोनों का जीवन बर्बाद कर दिया ! गुस्से की वजह से आज भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और जो जग हंसाई हुई वो अलग !!!

देखा दोस्तो,

  थोड़ी देर की गुस्सा : हमारा कितना भयंकर नुक्सान कर सकती है ???

हमें कहाँ से कहाँ पहुंचा सकती है ?

जो बात समझदारी से आसानी से हल की जा सकती थी : गुस्से ने उसको इतना बड़ा बना दिया : जिसका नतीजा आपके सामने है !

दोस्तो,

        " कितनी विचित्र बात है कि, लोग इस बात को बड़े ही शान से कहते हैं कि उनको गुस्सा बहुत आता है और वो इस बात की शेखी भी बघारते हैं कि जब उनको गुस्सा आता है तो : वो अपनी तो क्या, अपने बाप की भी नहीं सुनते ! जबकि सच यह है कि गुस्सा कभी आता नहीं है ! लोग अपना फायदा-नुकसान का आंकलन करके जान-बूझकर गुस्सा करते हैं  !  "

        लोग किसी पर तभी गुस्सा करते हैं, जब वो अच्छी तरह से इस बात को जानते हैं कि सामने वाला किसी न किसी तरह से उनसे कमजोर है ( आर्थिक, शारीरिक या सामाजिक ) लेकिन यदि सामने वाला उनसे ताकतवर है तो वो चाह कर भी अपने गुस्से का इजहार नहीं कर सकते !

आइये इसे समझने की कोशिश करते हैं !!!

       जब हम अपनी office में होते हैं, और अपने Boss की कोई बात हमें बुरी लगती है या उसकी किसी बात पर हमें गुस्सा आता है  : तो हम चाह कर भी अपने Boss से गुस्सा नहीं करते ! हम अन्दर ही अन्दर उसको बुरा भला तो कहते हैं, लेकिन फिर भी हम अपने Boss से मुस्कुराते हुए चेहरे में ही पेश आते हैं : क्यूंकि हम जानते हैं कि यदि हमने अपने Boss को उल्टा सीधा बोला तो अगले ही पल हमारी नौकरी जा सकती है ! जिससे हमारा स्वयं का ही नुक्सान हो जाएगा ! अतः हम गुस्सा होते हुए भी : Boss पर अपने गुस्से का इजहार नहीं कर सकते !

       जबकि यदि हमें अपने Junior Staff की कोई बात पसंद नहीं आये, तो हम उसे बुरा-भला कह कर अपनी पूरी भड़ास उस पर निकाल देते हैं क्यूंकि हम जानते हैं कि यह हमारा क्या बिगाड़ लेगा ???

दोस्तो,

        " जिस तरह से हमें स्वाभाविक भूख लगती है, प्यास लगती है, नींद आती है : क्या उसी तरह से हमें गुस्सा भी  आता  है : नहीं न  – बिलकुल भी तो नहीं  ! इसका मतलब यह हुआ कि गुस्सा हमारे स्वभाव का एक अंग नहीं है ! यह Natural नहीं है ! यह एक बीमारी ही है जैसे ( sugar या B.P) "

अतः हमारी यह कोशिश होनी चाहिए कि, जितना जल्दी हो सके हम इस क्रोध रुपी बीमारी से छुटकारा पा लें !

दोस्तो,

      क्रोध आने का कोई विशेष कारण तो नहीं है, पर अक्सर ही कुछ छोटी-छोटी बातें हमें बहुत अधिक क्रोधित कर देती हैं : जैसे कि…..

  • उसने मुझे गाली क्यूँ दी ?
  • वो मुझसे तेज आवाज में, कैसे बात कर सकता है ?
  • वो मेरे या मेरे परिवार के बारे में ऐसा, कैसे बोल सकता है ?
  • उसने मेरे पीठ-पीछे मेरी आलोचना / बुराई कैसे की ! उसकी इतनी हिम्मत ?
  • मैंने उसकी इतनी मदद की, आज मुझे जरूरत हुई, तो देखो कैसे बहाने बना रहा है ?
  • कल तक तो मेरे बगैर उसका काम ही नहीं चलता था, और आज मुझे ही आँखें दिखा रहा है ?
  • उसने मेरे दोस्त को बुरा-भला बोला – मैं अभी उसका हिसाब-किताब किये देता हूँ !
  • और भी न जाने कितने अनगिनत कारण

समाधान (Solution)

दोस्तो,

         आखिर-कार हम लोग भी इंसान हैं ! अतः यह संभव है कि हम, किसी न किसी बात पर गुस्सा करें ! लेकिन हमारी समझदारी इसी बात में है कि हम : कैसे इस क्रोध – रुपी बीमारी से खुद को दूर रखें ?

         तो आइये ! कुछ जरूरी बातों को अपनाएँ और इससे निजात पायें……

  • सर्वप्रथम अपने मन में इस बात को पूरी तरह से बैठा लें कि क्रोध एक बीमारी है ( जैसे : शुगर / B.P ) इससे ज्यादा कुछ भी नहीं और जितना हो सके मुझे इस बीमारी से दूर ही रहना है !
  • जब भी कोई ऐसी बात हो, जिस पर आपको गुस्सा आये या जो आपको परेशान करे : ऐसी स्थिति में आप तुरंत उस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया न दें !
  • कोई भी प्रतिक्रिया (Reation) देने से पहले, कम से कम 30 सेकंड का समय स्वयं को अवश्य दें ! यह थोड़ा सा समय आपको विषम परिस्थिति से बचाने में बहुत सहायक होगा !
  • जितना संभव हो सके, अपने दैनिक जीवन में योग और प्राणायाम को उचित स्थान दें ! इससे आपके मन को बहुत शान्ति मिलेगी और आप स्वयं ही क्रोध रुपी राक्षश से दूर होते चले जाएंगे !
  • जब भी कोई व्यक्ति आपको गुस्सा दिलाने की कोशिश करे (गाली से / बात से / उकसा के ) तो समझदारी यह है कि आप उससे उलझें नहीं बल्कि उसे अपने काम से जबाब दें ( Example : क्रिकेट मैदान में जब भी कोई गेंदबाज सचिन तेंदुलकर को गुस्सा दिलाता था या उकसाता था तो सचिन उससे उलझने के बजाय अपने काम से उसको जबाब देते थे ! वो पूरी ताकत से मैच खेलते और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते : इस तरह से सचिन न सिर्फ उस गेंदबाज को जबाब देते बल्कि अपनी तरक्की भी सुनिश्चित करते  ) ! अतः आप भी, कभी भी अपनी गुस्सा को अपनी कमजोरी न बनने दें बल्कि उसे अपनी ताकत बनाएं !
  • किसी के द्वारा की गयी आपकी आलोचना : आपके लिए अपनी गलती सुधारने का एक अवसर हो सकती है ! अतः आप अपना आत्म – चिंतन कीजिए और अपनी कमियों को सुधार कर  सफल जीवन की आधार-शिला  रखिये !
  • स्वयं को ज्यादा से ज्यादा अच्छे कामों में व्यस्त रखें और जब भी संभव हो अच्छी और श्रेष्ठ किताबों को अपना पूरा समय दें ! 
  • और यदि फिर भी आपको गुस्सा आता है तो  एकांत में स्वयं से बात करें  और उन कारणों / घटनाओं पर शांत मन से विचार कर : अपनी कमियों को जल्दी से जल्दी दूर करने की ईमानदार कोशिश करें !

दोस्तो,

        क्रोध एक दो-धारी तलवार की तरह होता है ! यह न सिर्फ आपको अन्दर से खोखला कर देता है बल्कि आपको बहुत बुरी स्थिति में भी पंहुंचा सकता है ! अतः सफल जीवन के लिए यह आवश्यक है कि आप जल्दी से जल्दी इस भयंकर बीमारी से स्वयं को दूर और बहुत दूर कर लें !

 

आपके सफल जीवन का आकांक्षी

आपका अपना दोस्त

Pranav Bhardwaj

 


खुला आमंत्रण


 

दोस्तो, 
       यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  motivational story, article, कविता, idea, essay, real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों )

        जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

        तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

        पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी website www.motivatemyindia.com  प्रकाशित कर दिया जाएगा ।  

धन्यवाद !!!

 

 

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3 Comments on क्रोध से, कैसे रहें दूर ???

Achhipost said : Guest Report 6 months ago

fantanstic post. thanks for sharing

Pranav Bhardwaj (Author) said : administrator Report 6 months ago

shukriya Mahara ji

surendra mahara said : Guest Report 6 months ago

Hi Prnav ji, Thanx for sharing such a nice article here yo how control anger. your every post is so good.. Keep us motivating like this

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