PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

Read More....

Like Us On Face Book Page
sabse badi rukawat
LifeMoral StoryMotivational StorySelf ImprovmentSuccess Tips

सफलता की राह में सबसे बड़ी रुकावट 

By on January 23rd, 2017

 

सफलता की राह में सबसे बड़ी रुकावट 

 

दोस्तो,

      एक जंगल में, बहुत से पशु-पक्षी रहते थे ! वहीँ एक पेड़ पर एक चिड़िया रहती थी, और एक पेड़ पर एक कौवा ! दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती थी ! एक बार बहुत तेज हवा चली, उसमें दोनों के घोंसले टूट गये ! अब मौसम थोडा सामान्य हो चला था !

चिड़िया बोली : कौवा भाई, कुछ दिनों बाद बारिश का मौसम आने वाला है ! तो क्यूँ न हम, अभी से अपने-अपने लिए एक अच्छा सा घोंसला तैयार कर लें ?

      इस पर कौवा बोला : चिड़िया बहिन, इतनी भी क्या जल्दी है, अभी तो सब ठीक-ठाक चल रहा है, घोंसला बाद में बना लेंगे !

चिड़िया को उसकी बातों से यह अंदाजा हो गया कि, कौवा तो अपना घोंसला बनाने वाला नहीं है ! तो इसके चक्कर में, मैं अपना समय क्यूँ बर्बाद करूँ ? उसने तय किया कि, वो अपने लिए एक अच्छा घोंसला बनाएगी और वो बिना समय गंवाएं, इस काम में लग गयी ! जब वो काम पर जा रही थी, तो उसने बोला कि चलो कौवा भाई ! घोंसले का इंतजाम करते हैं !

      तो कौवा बोला “ तू चल मैं आता हूँ ! चुपड़ी रोटी खाता हूँ ! हरी डाल पर बैठा हूँ ! ठंडा पानी पीता हूँ ! ” ( अर्थात मैं तो मस्त रोटी खा रहा हूँ, ठंडा पानी पी रहा हूँ, और मजे से डाल पर बैठा हूँ : मैं अभी से क्यूँ मेहनत करूँ ? तुम जाओ, मैं बाद में आऊंगा !!! )

चिड़िया अपना काम करने लगी, लेकिन वो जब भी कौवे को चलने के लिए बोलती कौवा वही लाइन दोहरा देता था, “ तू चल मैं आता हूँ ! चुपड़ी रोटी खाता हूँ ! हरी डाल पर बैठा हूँ ! ठंडा पानी पीता हूँ ! ”

     धीरे-धीरे समय बीतने लगा !  चिड़िया ने बहुत मेहनत से  अपना घोंसला बना लिया और वो आराम से अपने घोंसले में रहने लगी !

एक रात, अचानक से बहुत तेज मूसलाधार वर्षा होने लगी ! चिड़िया आराम से अपने घोंसले में बैठी थी, जबकि कौवा बाहर बारिश में भीग रहा था ! कौवा परेशान हो गया, उसको समझ ही नहीं आ रहा था कि, आफत की इस घड़ी में कैसे बचा जाए ?

      वो चिड़िया के पास गया और बोला बहिन मैं बहुत परेशान हूँ, मेरी कुछ मदद करो !

चिड़िया, कौवे की काम टालने की आदत से बहुत परेशान थी वो बोली : “ जब मैं तुमसे कहती थी, तो तुम रोज काम को आगे टालते रहते थे ! अब जब मुसीबत सिर  पर आ गयी, तो अब झेलो ! मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकती !

      अब अपने पेड़ पर जाओ, और मजे से बारिश में कहो “ तू चल मैं आता हूँ ! चुपड़ी रोटी खाता हूँ ! हरी डाल पर बैठा हूँ ! ठंडा पानी पीता हूँ ! ”

कौवे को अपनी गलती का अहसास हो गया ! वो मन ही मन कहने लगा कि : काश ! मैंने घोंसले बनाने के काम को टाला न होता और वक़्त पर अपना घोंसला बना लिया होता, तो आज मेरी यह दुर्गति न होती ! लेकिन अब क्या हो सकता था ??? 

दोस्तो,

       हमारे साथ भी तो, यही होता है !

       जब हमारा अच्छा समय चल रहा होता है, तो हम अपने जरूरी कार्यों को आगे के लिए टालते रहते हैं ! जब भी हमें कोई नया काम करना हो, कोई गन्दी आदत छोडनी हो, कोई आवश्यक कार्य करना हो, कोई नयी शुरुआत करनी हो.…..

तो हम सोचते हैं……

  • अरे भाई, अभी क्या जल्दी है ? अभी तो, बहुत समय है : कर लेंगे !
  • अरे ! अभी तो, हमारी उम्र ही क्या है, जब समय आएगा तो कर लेंगे !
  • अभी हालात ठीक नहीं है, कुछ समय बाद कर लेंगे !
  • अभी  हमारा अच्छा समय नहीं चल रहा, जब अच्छा समय होगा तो कर लेंगे !
  • अभी मन नहीं है, जब मन होगा तब कर लेंगे !
  • आज थोड़ा आराम कर लेते हैं, कल से कर लेंगे !
  • और न जाने कितने अनगिनत बहाने…..

मतलब हम चीजों / कार्यों को तब तक टालते रहते हैं, जब तक कि वो काम करना अति – आवश्यक न हो जाए !

इसको आप ऐसे भी समझ सकते हो…..

  • Exam से ठीक पहले विद्यार्थी को दिन-रात पढ़ते हुए  
  • रोग के बिगड़ जाने पर, रोगी को अस्पताल की तरफ दौड़ते हुए
  • Train के station छोड़ने पर, यात्रियों को उसके पीछे दौड़ते हुए
  • Tax जमा करने की last date पर, लोगों को line में धक्का-मुक्की करते हुए
  • Daily office जाते समय, लोगों को late होने से बचने के लिए भागते हुए
  • और भी न जाने कितने तरह से  

दोस्तो,

         यह आदत बहुत सामान्य है, और लगभग 95 % लोगों में पायी जाती है ! लेकिन यदि आप सफल होना चाहते हैं, तो आपको अपनी इस गन्दी आदत को छोड़ना ही होगा !

दोस्तों,

         एक बच्चा : राहुल अपनी कक्षा में प्रथम आना चाहता है ! वो मन ही मन यह निश्चय करता है कि, उसे कक्षा में प्रथम आना है, लेकिन जब भी पढने का समय होता है, वो स्वयं से कहता है…..

  • अभी तो exam में बहुत समय है : आज थोडा खेल लेते हैं ! कल से पढ़ लेंगे !
  • फिर जब कल आता है : अरे आज TV पर एक cricket match देख लें : फिर कल से पढ़ लेंगे !
  • अरे अब तो पढना ही है : आज दोस्तों के साथ एक Movie देख लें फिर कल से पढ़ लेंगे !
  • रोज – रोज कोई नया बहाना, और पढ़ाई के काम को आगे के लिए टालते रहना

दोस्तो,

         क्या यह बच्चा अपनी कक्षा में प्रथम आ पायेगा : नहीं, बिल्कुल भी नहीं !

प्रथम का तो छोड़ ही दीजिए : यह बच्चा पास ही हो जाए वोही बहुत बड़ी बात होगी !

         लेकिन यदि यही बच्चा, नियमित रूप से मन लगाकर पढ़ाई करे, तो क्या इसके लिए कक्षा में प्रथम आना मुश्किल होगा : बिल्कुल भी नहीं !

         हो सकता है कि, यह बच्चा  school भी top कर जाए !

वैसे ही……

यदि आप भी अपना जीवन बदलना चाहते हो !

एक शानदार और सफल जीवन जीना चाहते हो !

अपने मन मुताबिक, अपना जीवन जीना चाहते हो !

जो आप चाहो, वो पाना चाहते हो !

        तो जागिये ! और अपने लिए एक सपना सजाइए ! अपने लिए एक निश्चित लक्ष्य तय कीजिए  और उस निश्चित लक्ष्य (target) को पाने की प्रबल इच्छा (desire) पैदा करते हुए एक निश्चित योजना बनाइये !

        और बिना एक पल, गंवाए हुए उस योजना पर काम शुरू कर दीजिए !

हो सकता है, कि शुरुआत में मुश्किल आयें ! बोरियत हो, काम करने का मन न करे,  लोग आपकी हंसी बनायें,  लेकिन फिर भी आप — अपना मन पूरी तरह से एकाग्र करके : अपने काम में जुटे रहें !

जरूरी हो तभी, अपनी योजना (plan) में बदलाव करें, लेकिन अपना लक्ष्य न बदलें और तब तक न रुकें जब तक उसे पा न लें !

         यकीन मानिए : यदि आप इस तरह समर्पित होकर : अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ोगे : तो परम-पिता-परमेश्वर भी, लक्ष्य को पाने में आपकी मदद करेंगे और आप  निश्चित रूप से 100 % Guarantee के साथ  अपने लक्ष्य को पा लोगे !

         तो आइये ! आज से ही अपने बारे में सोचें ! अपने लिए कोई लक्ष्य चुनें, अपने लिए कोई सपना (Dream) बुनें और उस लक्ष्य / सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ें : सफलता, आपका बड़ी ही बेसब्री से इन्तजार कर रही है !

आज से ही कोशिश शुरू कीजिए, और आगे बढ़िये !

         तो आइये ! सफलता (Success) की राह में, सबसे बड़ी रुकावट : काम टालने की इस गन्दी आदत  को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कहिये और अपने लिए एक सुखी, शानदार और  सफल जीवन  सुनिश्चित कीजिए !

{ बचपन में पढ़ी एक कहानी से प्रेरित }

 

आपके सफल जीवन का आकांक्षी…..

आपका अपना मित्र

प्रणव कुमार  


खुला आमंत्रण


 

दोस्तो,
       यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  Motivational Story, Article, कविता, Idea, Essay, Real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों )…………..

      जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

      तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

      पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी website : www.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।

धन्यवाद!!

 

TAGS
RELATED POSTS

1 Comment on सफलता की राह में सबसे बड़ी रुकावट 

राकेश / AchhiAdvice said : Guest Report 6 months ago

बहुत ही बढ़िया कहानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked