PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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खुश-हाल जीवन की : 100% गारंटी

By on December 14th, 2016

 

खुश-हाल जीवन की : 100% गारंटी

 

दोस्तो,

          आओ एक प्रयोग करें…..

     एक दो वर्ष का बच्चा है ! उसकी एक तरफ किताब रखें और एक तरफ खिलौने !

अब ध्यान से, उस बच्चे को देखें ! बच्चा किस तरफ आगे बढेगा !

     बच्चा निश्चित रूप से खिलौने की तरफ आगे बढ़ेगा ! जब बच्चा खिलौना लेने को आगे बढ़े, तो आप उसकी आँखों और गालों को ध्यान से देखिएगा ! उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक होगी और उसके नन्हे गालों पर एक मीठी मुस्कान ! इससे हम कह सकते हैं कि, बच्चे को खिलौने पाकर बहुत ख़ुशी हो रही है और वो बड़ी ही मासूमियत से उस ख़ुशी का इजहार भी कर रहा है !

     आइये ! अब अपने खूबसूरत बचपन को याद करते हैं ! जितना मैं समझता हूँ, शायद ही कोई – ऐसा बच्चा होगा, जिसे खेल खेलने में ख़ुशी नहीं होती होगी – अर्थात प्रत्येक बच्चे को, अपने बचपन में कोई न कोई खेल अवश्य पसंद होगा और उसने वो खेल ख़ुशी-ख़ुशी और पूरे उत्साह के साथ खेला भी होगा !

     अब हम, यह आसानी से कह सकते हैं कि खेल हमारे या मानव जीवन के स्वभाव (Nature) में है — खेल हमारे जीवन को बहुत ही खूबसूरत अंग रहे हैं – और हम सभी को खेल, खेल कर बहुत ख़ुशी होती है / थी !

     सबसे खूबसूरत बात यह है कि हम सभी लोग, शुरू में जीवन के इस सुनहरे दौर (बचपन) से गुजरे हैं, और हम सभी ने खेलों को खेलने के साथ-साथ, खेल से होने वाली अद्भुत ख़ुशी को महसूस भी किया है !

     तो अब बड़ा प्रश्न यह उठता है कि, जब खेल हमारे स्वभाव में है — उसे खेलकर हम ख़ुशी महसूस करते हैं – खेल खेलने के नाम से ही हम रोमांचित हो जाते हैं –

  • तो आज के इस दौर में, हम खेलों को अपनी जिंदगी से दूर क्यूँ करते जा रहे हैं ???
  • आज हमारा जीवन एक काम करने की मशीन में बदलता जा रहा है, और हम चाहकर भी खेल को अपने जीवन में शामिल नहीं कर पा रहे हैं ???

आखिर क्यों ??? इसके क्या कारण हैं :—

इसके पीछे, बहुत से लोग यह कह सकते हैं कि ……

  • भाई, खेल तो छोटे बच्चों के लिए होता है, हम तो अब बड़े हो गये हैं !
  • खेल खेलने के लिए समय चाहिए, पर क्या करें — समय ही नहीं मिलता !
  • काम का बहुत ज्यादा दबाब रहता है !
  • जिम्मेदारियां पूरी करें या खेल खेलें ???
  • अरे भाई अगर, अब हम खेल-खेलेंगे तो लोग क्या कहेंगे — “ देखो उम्र हो गयी पचपन (55) की, लेकिन आदतें अब भी हैं बचपन की ”
  • और न जाने क्या क्या ???

दोस्तो,

       जैसा कि आप जानते हैं – एक मछली, जल में ही खुश रह सकती है ! यदि आप उसे जल से बाहर कर देंगे – तो क्या वो, खुश रह पाएगी ??? क्या वो, जीवित भी रह पाएगी – नहीं बिल्कुल भी नहीं – क्यूंकि जल में रहना उसके स्वभाव में है !

       उसी तरह से बचपन से ही, खेल हमारे स्वभाव में है – यदि हम, स्वयं ही खेलों को अपनी जिंदगी से दूर कर देंगे, तो हमें यह शिकायत करने का कोई अधिकार नहीं है कि “ खुशियाँ हमारे जीवन से दूर क्यूँ होती जा रही हैं ??? ”

       और याद रखिये, “ जिस व्यक्ति ने खुश रहना छोड़ दिया, तो उसमें और एक मृत व्यक्ति में कोई अंतर नहीं रह जाएगा ” —  "क्यूंकि जहाँ ख़ुशी है — वहीँ जीवन है " !

      तो यदि आप सच में खुश रहना चाहते हैं — तो आपको अपनी जिन्दगी में खेलों को शामिल करना ही होगा  !!!

आइये, खेलों से होने वाले लाभों को समझने की कोशिश करते हैं ::

स्वास्थ्य की दृष्टी से —

  • खेल खेलने से, हमारे शरीर में खून का संचार, तेजी से होता है और हम पूरी तरह से स्वस्थ बनते हैं !
  • हमारे शरीर से हर तरह की बीमारियाँ दूर हो जाती हैं और हमारा शरीर पूरी तरह से चुस्त, दुरुस्त और फुर्तीला बन जाता है !
  • हमारी उम्र मानो, थम सी जाती है और हम Look – Wise भी बहुत आकर्षक और Smart  बन जाते हैं !
  • हमारे चेहरे पर Glow चमक आ जाता है !
  • हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है – और हम हर तरह के रोगों से आसानी से अपना बचाव कर सकते हैं !
  • खेल खेलकर, हम बहुत ख़ुशी महसूस करते हैं जिससे हम पूरी तरह से तरो – ताजा और ऊर्जा से भर जाते हैं !

Money-wise :

  • दोस्तो, ऐसा कहा जाता है कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मस्तिष्क होता है – और जब हमारा मस्तिष्क तेज होगा तो क्या हम, किसी भी क्षेत्र में पीछे रह पायेंगे ??? क्या हमें, अमीर होने से कोई रोक पायेगा ???
  • खेल से हम पूरी तरह से active  और Charged हो जाते हैं, जिसका प्रभाव हमारे काम पर भी पड़ता है और हम बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं ! जिससे हम किसी भी क्षेत्र में अधिक से अधिक पैसा और प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेते हैं !
  • खेल से हमारी सोच और स्मरण शक्ति बहुत अच्छी बन जाती है – जो हमारे अमीर बनने के लिए बहुत उपयोगी होती है !

जीवन के मैदान में ::

  • खेल में कोई एक पक्ष जीतता है, तो एक पक्ष हारता है — इससे हम जीवन में हार और जीत के बारे में सीखते हैं !
  • किसी भी खेल में जीतने के लिए हम योजनायें बनाते हैं, और एक सफल जीवन में योजनाओं (planning) का बहुत महत्व है !
  • खेलों से हम बहुत अमूल्य चीजों को आसानी के साथ सीख जाते हैं —
  1. leader – ship quality (नेतृत्व – क्षमता का विकास)
  2. situation – Handling (परिस्थितियों का सफलता-पूर्वक सामना करना)
  3. dicipline maintain (अनुशासन में रहना)
  4. जीत की ख़ुशी मनाना
  5. हार के बाद फिर से जीतने की कोशिश करना और जीतना  
  6. Team – spirit (टीम की तरह काम करना)
  7. और बहुत उपयोगी बातें

       और खेल का एक सुखद पहलु यह भी है कि, यदि हम किसी खेल में बहुत अच्छे खिलाड़ी बन जाते हैं, तो फिर हमें न सिर्फ अपने प्यारे देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है, बल्कि हमें विश्व स्तर पर बहुत मान-सम्मान और पैसा भी मिलता है !

दोस्तो,

      खेल और जीवन में कोई ज्यादा फर्क नहीं होता ! जिस तरह से कोई भी खेल अनिश्चितताओं (uncertainity) से भरा होता है, वैसे ही हमारे जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं होता ! जीवन का हर पल अपने आप में बहुत कुछ सिखा देता है !

दोस्तो,

     यदि आप अपने जीवन को सुखी और खुश-हाल बनाना चाहते हो, तो अपने काम को (जो भी आप करते हो) भी एक खेल बना लो और उसको जीतने में / उसमें सफल होने में पूरे जुनून के साथ आगे बढ़ो ! यदि आप एक ईमानदार खिलाड़ी की तरह अपने काम को पूरे मन से करोगे तो आप न सिर्फ अपने काम में शत प्रतिशत   (100 %) कामयाबी हासिल करोगे, बल्कि आप उस खेल के पक्के खिलाड़ी (expert) भी बन जाओगे – तब आप अपनी पूरी जिंदगी को अपनी शर्तों पर आसानी के साथ जीओगे !

     फिर न नौकरी से निकाले जाने का डर होगा और न ही BOSS की कोई चिंता होगी ! होगी तो – एक fearless, आज़ाद और खूबसूरत जिंदगी !

     तो आइये ! अपने जीवन की सभी चिंताओं को भूलकर, सारी TENSION को दूर कर, जो भी खेल आप पसंद करते हैं, उसको अपने जीवन में ख़ुशी-ख़ुशी शामिल करें और अपने आप को स्वस्थ, उत्साही और खुश हाल बनाएं – क्युंकी यदि आपने खुद को अच्छा बना लिया तो यकीन मानो, दुनिया की कोई भी ताकत, कोई डर आपको दु:खी, कमजोर या परेशान नहीं कर सकता !

     तो आइये, अपनी अमूल्य जिंदगी के खूबसूरत मैदान में उतरकर अपने काम –रुपी (जो भी काम आप करते हैं) खेल में खुद को एक पक्का खिलाड़ी बनाएं और अपने जीवन को निडर, खुश-हाल और कामयाब बनायें !

 

कामयाबियों से भरी, आपकी खुश-हाल जीवन का आकांक्षी…..

आपका अपना दोस्त,

प्रणव कुमार


खुला आमंत्रण


 

दोस्तो, 
        यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  motivational story, article, कविता, idea, essay, real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों ) ……………… 

        जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

        तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

        पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी websitewww.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।  

धन्यवाद!!!

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5 Comments on खुश-हाल जीवन की : 100% गारंटी

Sandeep varshney said : Guest Report 3 months ago

It's very good website for motivating.

Pranav Bhardwaj (Author) said : administrator Report 6 months ago

shukriya bhai. pls. invite your friends to visit this website.

Pranav Bhardwaj (Author) said : administrator Report 6 months ago

Thanks for appritiating me. pls. share my website with your friends.

Amul Sharma said : Guest Report 6 months ago

Very nice post....read karke bahut accha laga....aapne baat ko bahut acchi tarah samjhaya hai.......

Gulmesh budhraja said : Guest Report 6 months ago

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