PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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Real Life HeroSomething Special

आधुनिक भारत के जनक – भारत रत्न पं. अटल विहारी वाजपेयी जी

By on December 25th, 2016

 

भारत रत्न पंडित अटल विहारी वाजपेयी जी की जीवनी 

 

दोस्तो,

         आज आप जिन बेहतरीन राज मार्गों (सड़कों) पर अपनी bike, car या bus से सरसराते हुए, एक स्थान से दुसरे स्थान को बहुत कम समय और बहुत आराम से पंहुंच जाते हो ! जरा याद कीजिए : आज से 15 वर्ष पहले…..

  • क्या, आपका सफ़र इतना आसान और सुहाना था ?
  • आज जो बेहतर सड़कें हैं, क्या आज से पहले भी सड़कों का यही हाल था ?

        नहीं ! बिल्कुल भी नहीं !!!

        आज से 15 वर्ष पहले, यह समझ ही नहीं आता था कि, सडकों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है ! सफ़र बहुत मुश्किल था और सड़कें, उनकी तो बात ही न कीजिए !

        लेकिन इस मुश्किल को आसान किया, हमारे पूर्व प्रधानमन्त्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ! उन्होंने न सिर्फ इस मुश्किल को समझा, बल्कि अपने नेतृत्व में प्रधानमन्त्री सड़क योजना द्वारा देश में इतने सुन्दर राजमार्गों का निर्माण करवाया – जिससे आज हमारी जिंदगी बहुत आसान हो गयी – और हमारा सफ़र सुहाना बन गया !

        मित्रो ! आज उनका जन्मदिन है — तो आइये ! उनको याद करें, और भारत के सुनहरे भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उनका आभार व्यक्त करें !

उनका बचपन :

       अटल जी का जन्म 25 dec 1924 को सुबह से वक्त में ग्वालियर में हुआ था ! बाबा श्री श्यामलाल वाजपेयी जी ने बहुत प्यार से इनका नाम अटल रखा था ! इनके पिता का नाम प. कृष्ण बिहारी वाजपेयी था । वे हिन्दी, संस्कृत और अंग्रेजी तीनों  भाषा के विद्वान थे । माता कृष्णादेवी दुलार से इन्हें, अटल्ला कहकर पुकारती थीं । अटल जी को मिठाइयों से बहुत लगाव था ! वो मिठाई खाना और मीठा लेकिन सत्य बोलना बहुत पसंद करते थे ! अटल जी की शिक्षा-दीक्षा ग्वालियर में पूरी हुई थी ।

       अटल जी पढ़ाई में बहुत विलक्षण बुद्धि के विद्यार्थी थे ! उन्होंने B.A और M.A की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्त्तीर्ण की ! एक बार, ऐसा भी गजब संयोग बना जब अटल जी ने LLB में admission लिया तो उनके पिता जी ने भी LLB में admission ले लिया ! पर राजनीति में आने की वजह से इन्होने बीच में ही LLB छोड़ दी और पूरी तरह से अपना जीवन देश सेवा के लिए समर्पित कर दिया !

महान कवि :

       बचपन से ही अटल जी को कविता लिखने का बहुत शौक था ! यह उनका सौभाग्य ही था कि यह कला उन्हें विरासत में अपने पिता जी से प्राप्त हुई थी ! अटल जी के पिता प. कृष्ण बिहारी वाजपेयी राज्य के एक सम्मानित कवि थे । अपने शुरूआती जीवन को याद करते हुए अटल जी ने कहते हैं कि, जब वो कक्षा 5 में पढ़ते थे, तो उन्होंने एक कविता एक पेपर पर लिखी थी — लेकिन जब वो मंच पर पंहुचे तो वो पेपर गायब हो गया ! उस दिन उनकी बहुत हंसी बनाई गयी !

       उसी दिन से अटल जी ने संकल्प लिया कि चाहे कुछ भी हो आज के बाद, वो कभी भी लिख कर नहीं पढेंगे ! इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक कविता लिखी और स्वयं को एक उच्च कोटि के वक्ता और कवि के रूप में स्थापित किया ! उनकी कविता और भाषण सुनने के लिए लोग बहुत दूर-दूर से आते थे ! कविता पाठन के साथ-साथ अटल जी ने लम्बे समय तक पाञ्चजन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओं का सफलता पूर्वक सम्पादन किया !

राजनितिक जीवन :

       अटल जी पढाई के समय से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) से बहुत प्रभावित थे ! अटल जी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नेतृत्व में राजनीति का पाठ पढ़ा ! इसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की और 1955 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली !

       अपनी पहली असफलता से सबक लेकर, अटल जी ने सन 1947 में जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में पुनः कोशिश की और लोकसभा के सदस्य के रूप में विजयी होकर लोकसभा में पंहुंचे  ! अटल जी ने मोरारजी देसाई जी की सरकार में विदेश मंत्री के रूप में देश की सेवा की और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की गरिमा बढ़ाई !

       वो ऐसा समय था जब कांग्रेस पार्टी पूरे देश में छाई हुई थी और उसके बिना या उसकी मदद के बिना किसी भी पार्टी या नेता का सत्ता में आना मुश्किल था ! अटल जी उस समय की राजनितिक व्यवस्था से खुश नहीं थे, और इसे बदलना चाहते थे ! जिद के पक्के अटल जी ने अपना रास्ता अलग बनाया और 1980 में कमल के फूल को चुनाव-चिह्न बनाकर, भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की ! शुरुआत में उनके केवल दो ही सांसद थे ! कांग्रेस और अन्य पार्टियाँ उनका हंसी बनाती थी ! लेकिन अटल जी दूर-दृष्टा होने के साथ-साथ अपनी धुन के पक्के थे ! वो कहते थे…….

 

अँधेरा छंटेगा – और कमल खिलेगा

 

       और उनकी मेहनत रंग लायी ! 1996 में, अटल जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनायी और अटल जी देश के प्रधानमन्त्री बने ! लेकिन बहुमत सिद्ध न कर पाने की वजह से मात्र 13 दिन में ही इनकी सरकार गिर गयी ! अटल जी निराश नहीं हुए और एक बार फिर इनके कुशल नेतृत्व में पुनः 19 अप्रैल, 1998 भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी ! इस बार भी 13 महीने बाद इनकी सरकार गिर गयी ! इसके बाद सन 1999 हुए चुनाव में अटल जी ने एक बार पुनः अपनी सरकार बनाई !

        वाजपेयी जी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री के रूप में 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए । उन्होंने 24  दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे । लेकिन कभी किसी दल ने आनाकानी नहीं की। इससे उनकी नेतृत्व क्षमता का पता चलता है । अटल जी ने देश को एक स्थिर और विकास करने वाली सरकार दी !

        स्वास्थ्य कारणों से अटल जी ने राजनीति से संन्यास ले लिया अब वो नई-दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास में रहते हैं !

अटल सरकार की उपलब्धियां :–

        अटल सरकार के समय देश का बहुत तेजी से समग्र विकास हुआ ! अटल जी का कार्य-काल उपलब्धियों से भरा हुआ रहा है ! उनमें से कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार से हैं…….

  • भारत को एक परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाना ( पोखरण परमाणु परीक्षण )
  • कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त करना
  • पकिस्तान के साथ मधुर सम्बन्ध बनाना
  • देश में सड़कों का जाल बनाना (स्वर्णिम चतुर्भुज योजना)
  • देश में टेलीफ़ोन क्रान्ति (mobile)
  • मेट्रो रेल का सपना देखना और उसे हकीकत का रूप देना
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत देश की छवि एक तेजी से विकसित और आत्म-निर्भर बनने वाले देश की बनाना
  • शिक्षा को गाँव-गाँव तक पन्हुन्चना
  • और भी अनगिनत उपलब्धियां

प्राप्त-सम्मान :

         अटल जी ने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ किया था और उस संकल्प को पूरी निष्ठा से आज तक निभाया । अटल जी ऐसे नेता हैं, जो लोगों के दिल में बसते हैं ! अटल जी एक सच्चे इंसान और लोकप्रिय जन-नेता के रूप में जाने जाते हैं ! अटल बिहारी वाजपेयी जी 9 बार लोकसभा के लिए चुने गए। यही नहीं, वह दो बार राज्यसभा के लिए भी चुने गए थे ।

         1994 में उन्हे ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ एवं 1998 में ‘सबसे ईमानदार व्यक्ति’ के रूप में सम्मानित किया गया है । 1992 में “पद्मविभूषण” जैसी बङी उपाधी से अलंकृत अटल जी को 1992 में ही ‘हिन्दी गौरव’ के सम्मान से सम्मानित किया गया है । अटल जी ही पहले विदेश मंत्री थे, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ मे हिन्दी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था और राष्ट्रीय भाषा हिन्दी का मान बढाया ।

         अटल जी को १९९२ में पदम् विभूषण सम्मान से और २०१४ में भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया !

         राष्ट्र के विकास में अटल जी के कभी न भूलने वाले योगदान को याद करते हुए, आज हम उनके जन्मदिन पर उनको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं और ईश्वर से उनकी लम्बी आयु और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हैं !

दोस्तो,

         आज 25 DEC के दिन, पूरे विश्व में बड़े ही धूम-धाम से क्रिसमस डे मनाया जाता है ! आज के इस शुभ अवसर पर आपको और आपके पूरे परिवार को आपकी अपनी website : www.motivatemyindia.com  की तरफ से क्रिसमस डे की बहुत-बहुत शुभकामनाएं !

 

आपका अपना मित्र

प्रणव भारद्वाज


खुला आमंत्रण


 

दोस्तो,
       यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  Motivational Story, Article, कविता, Idea, Essay, Real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों )…………..

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      तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

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धन्यवाद !!

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