PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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najariya

 

हमारा नजरिया

(Our Attitude)

 

     अब  तक  की  सबसे  बड़ी  खोज  यह  है  कि,  व्यक्ति  महज  अपना  दृष्टिकोण (नजरिया)  बदल  कर  अपना भविष्य बदल  सकता  है !                       [ Oprah Winfrey ]  

दोस्तो,

     नजरिये (attitude) के बारे में कहे गये इस महान विचार से, स्पष्ट है कि : हमारी सफलता पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि —-  जीवन के प्रति हमारा नजरिया कैसा है ???

     यदि हमारा नजरिया सकारात्मक (positive attitude) है, तो हम मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति को भी, अपने लिए एक सुनहरे अवसर में बदल कर, बड़ी ही आसानी से सफलता की ओर बढ़ते चले जाएँगे ! किन्तु यदि हमारा नजरिया नकारात्मक (negetive attitude) है, तो हमें छोटी से छोटी परेशानी भी पहाड़ सी लगने लगेगी और हम उसी में उलझ कर रह जाएँगे !

आइये ! नजरिये (attitude) के इस महत्व को समझने की कोशिश करते हैं……

     एक बार एक विद्वान लेखक अपने लेखन कक्ष में बैठा हुआ, कुछ लिख रहा था :—


1.  पिछले वर्ष मेरा Operation हुआ और मेरी एक kidney निकाल दी गयी । इस Operation के कारण मुझे बहुत लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा । मेरे अन्य साथी, लेखन के क्षेत्र में मुझसे बहुत आगे निकल गये ।

2.  इसी वर्ष, मैं 60 वर्ष का हुआ और मेरी पसंदीदा नौकरी चली गयी । जब मैंने उस प्रकाशन संस्था को छोड़ा तब 30 साल हो गए थे मुझे उस कम्पनी में काम करते हुए । पता नहीं अब आगे की जिंदगी कैसे व्यतीत होगी ???

3.  पिछले वर्ष, मुझे अपनी माता जी की मृत्यु का दुःख भी झेलना पड़ा ।

4.  और इसी वर्ष मेरा बेटा कार accident हो जाने के कारण, मेडिकल की परीक्षा {NEET} में फेल हो गया क्योंकि उसे बहुत दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा । कार की टूट-फूट का नुकसान हुआ, वो अलग ।

अंत में लेखक ने लिखा,
          यह बहुत ही बुरा समय था । मैं नहीं चाहता कि ऐसा समय फिर से मेरे जीवन में कभी आये ! ऐसा लिखकर वो बहुत उदास हो गया ।
          जब लेखक की पत्नी जी, लेखन कक्ष में आई तो उसने देखा कि, उसका पति बहुत दु:खी लग रहा है और अपने ही विचारों में खोया हुआ है । अपने पति की कुर्सी के पीछे खड़े होकर पत्नी ने देखा और पढ़ा कि वो क्या लिख रहा था ???

         वह चुपचाप कक्ष से बाहर गई और थोड़ी देर बाद एक दूसरे कागज़ के साथ वापस लौटी और वह कागज़ उसने अपने पति के लिखे हुए कागज़ के बगल में रख दिया ।


लेखक ने पत्नी के रखे हुए कागज़ को देखा, तो उसे कुछ लिखा हुआ नजर आया ।

         उस पर कुछ यूँ लिखा था…….

1.  पिछले वर्ष, आखिर-कार मुझे उस kidney से छुटकारा मिल ही गया, जिसके कारण मैं कई वर्षों से असहाय दर्द से परेशान था ।

2.   इसी वर्ष, मैं 60 वर्ष का होकर स्वस्थ-दुरस्त अपनी प्रकाशन कम्पनी की नौकरी से Retire हो गया । अब मैं पूरा ध्यान लगाकर, शान्ति के साथ अपने समय का उपयोग और बढ़िया लिखने के लिए कर पाउँगा । अपनी जिंदगी अपने मन से जी पाउँगा और समाज-कल्याण के जो काम मैंने सोचे हैं, उनको भी आसानी से कर सकता हूँ !

3.  पिछले वर्ष मेरी 98  वर्ष की माता जी, बगैर किसी पर आश्रित हुए और बिना गंभीर बीमार हुए परमात्मा के पास चली गयी ।

4.  इसी वर्ष भगवान् ने accident में मेरे इकलौते बेटे की रक्षा की । कार टूट-फूट गई लेकिन मेरे बच्चे की जिंदगी बच गई । उसे नई जिंदगी तो मिली ही और हाँथ-पाँव भी सही सलामत हैं ।

अंत में उसकी पत्नी ने लिखा था :—-
         मेरा यह समय बहुत अच्छा रहा । इस समय में मुझ पर भगवान की बहुत कृपा रही । ईश्वर से यही प्रार्थना है कि, ऐसे ही सदैव मुझ पर अपनी कृपा-दृष्टि बनाये रखना

दोस्तो,

है न, विचित्र बात !!!

          व्यक्ति वही, समय वही, परिस्थितियां भी वही : किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं — तो, आखिर ऐसा क्या हुआ कि जब लेखक अपने द्वारा लिखी गयी बातों को पढ़कर परेशान हो रहा था लेकिन जैसे ही उसने पत्नी का लिखा पत्र पढ़ा तो उसकी सभी परेशानियां / दुःख समाप्त हो गये…..

यह अंतर था —- उसके नजरिये का
 

दोस्तो,

         यह नजरिया ही तो था कि, जो समय उसे बहुत ख़राब लग रहा था, जिसको वह अपने लिए बुरा बता रहा था —— नजरिया बदलते ही, वो ही समय अब उसे अच्छा बल्कि बहुत अच्छा लगने लगा और वो इस समय के लिए ईश्वर का आभार व्यक्त करने लगा ! चीजें वही रहती हैं, पर नजरिया बदलने से पूरा परिणाम ही बदल जाता है !

दोस्तो,

    यह सत्य है कि जब तक हमारा जीवन है, सुख दुःख का आना जाना बना रहेगा !

    हमारे जीवन में सुख आएगा या दुःख, इस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है !

   आने वाला पल कैसा होगा ??? इस पर भी हमारा कोई अधिकार नहीं है !

   लेकिन……………. जिस पर हमारा पूर्ण नियंत्रण है !

   जिस पर हमारा पूरा अधिकार है !

   जो हमारे हाथ में है………… वो है

हमारा नजरिया

 

    यदि हम अपने जीवन में अच्छे नजरिये (positive attitude) के साथ आगे बढ़ेंगे, तो हम जीवन के हल पल, हर क्षण को पूरे आनंद, उत्साह, उमंग और ख़ुशी के साथ जीते हुए एक सुखद, सफल और शानदार जीवन के अधिकारी बनेंगे !

 

    तो आइये ! परिस्थितियों का रोना छोडिये / शिकायतें करना बंद कीजिए और जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी अपने नजरिये को सकारात्मक बनाकर अपना सुखद वर्तमान और खुश-हाल भविष्य सुनिश्चित कीजिए !

 

आपका अपना मित्र

प्रणव भारद्वाज


खुला आमंत्रण


 

दोस्तो,
       यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  Motivational Story, Article, कविता, Idea, Essay, Real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों )…………..

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      तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

      पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी website www.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।

धन्यवाद !!

 

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1 Comment on Hamara Najariya

ananta bag said : Guest Report one year ago

very nice article about thinking thanks to writer

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