PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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be cool

 

इतना ज्यादा………. क्यूँ सोचना ???

Be Cool & Think SIMPLE

 

     राहुल (काल्पनिक नाम) एक कार निर्माता कंपनी में ( Car Manufacturing Company ) इंजीनियर था ! वह कंपनी के लिए कार Design करता था ! Company का Senior Management, उसकी Design की गयी कार को Check करता था, और पसंद आने पर ही Manufacturing Unit में उस कार का production किया जाता था !

     एक बार राहुल ने एक ऐसी कार की Design तैयार की, जो अपने आप में बहुत आकर्षक व अद्भुत थी ! Company के मालिक को कार का Design बहुत पसंद आया ! उसने राहुल के काम की बहुत सराहना की, और Company के लोगों को राहुल द्वारा तैयार किये गये design के अनुसार कार बनाने का आदेश दिया ! कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद कार बनकर तैयार हो गयी ! कार बहुत ही शानदार और आकर्षक थी ! कार को देखकर कंपनी का मालिक बहुत खुश हुआ !

     जब कार को Manufacturing unit से निकालकर Show – Room ले जाया जाने लगा, तो यह पता चला कि कार की उंचाई Manufacturing unit के Entrance Gate से कुछ inches ज्यादा है ! इस बात से राहुल मन ही मन दुखी होने लगा ! उसने सोचा कि, यदि उसने कार की उंचाई को थोडा कम कर दिया होता, तो आज उसे इस मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ता ! उसे अपनी सारी मेहनत बेकार होती हुई लग रही थी !

     जब कंपनी के मालिक को इस बारे में पता चला, तो वह भी बहुत दुखी हुआ !

इस पर कार Painter ने राहुल को हिम्मत बंधाते हुए कहा कि : सर, आप परेशान न होइएगा ! आप निश्चिन्त होकर कार को गेट से बाहर निकालिए ! यदि कार को गेट से निकालते समय, कार पर या कार के ऊपर कोई Scratch (निशान) आ जाते हैं, तो हम फिर से उस पर PAINT कर देंगे ! और आपकी कार को पहले जैसा ही बना देंगे !

     एक अन्य इंजीनियर ने कहा कि, हम लोगों को गेट को तोड़ देना चाहिए ताकि कार को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके ! कार निकालने के बाद फिर से गेट की मरम्मत की जा सकती है !

     कंपनी का मालिक दोनों ही विचारों से सहमत नहीं था ! उसे महसूस हुआ कि यदि ऐसा हुआ, तो यह सब हमारी कार के लिए अच्छे संकेत नहीं होंगे !

सब लोग बहुत परेशान हो गये ! कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि, कार को कैसे सुरक्षित बाहर निकाला जाए —— वो भी बिना स्क्रैच और गेट को तोड़े हुए !

गेट पर खड़ा हुआ गार्ड यह सब कुछ देख रहा था ! वो राहुल के पास आया ! 

     और बोला : साहब ! यदि आप इजाजत दें, तो मेरे पास एक idea है और मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरा आईडिया आपकी सब परेशानियों को चुटकी में हल कर देगा ! उसकी मदद से आप अपनी कार को बड़ी ही आसानी और सुरक्षित रूप से गेट से बाहर निकाल सकते हैं !

राहुल को गार्ड की सलाह अच्छी नहीं लगी !

वो गार्ड पर गुस्सा करते हुए बोला :

  • क्या तुमको, यह सब मजाक लगता है ???
  • जहाँ हम सभी Expert लोग इस problem को solve नहीं कर पा रहे, वहां तुम जैसा कम पढ़ा – लिखा व्यक्ति यह काम कैसा कर सकता है ?
  • ज्यादा होश्यार न बनो और जाकर अपना काम करो !

गार्ड वहां से जाने लगा, तभी कंपनी-मालिक ने उसे आवाज दी और उसको कहा : अच्छा बताओ, आखिर तुम्हारा idea है क्या ???

     गार्ड ने कहा : सर, आपकी कार बहुत अच्छी है, पर परेशानी यह है कि यह गेट से कुछ inches उंची है ! यदि, यह कुछ inches नीचे हो जाए तो आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा !

कंपनी के मालिक ने कहा : यह बात, तो हम सभी जानते हैं ! पर यह होगा कैसे ???

     गार्ड : सर, यह एकदम आसान है ! यदि हम कार के चारों पहियों की हवा निकाल दे तो इस कार की उंचाई कम हो जाएगी और हमारी कार आसानी के साथ गेट से बाहर आ जाएगी !

गार्ड की यह बात सुनकर सभी बहुत खुश हुए ! और वैसा ही किया गया !

     कार बड़े ही आराम से और सुरक्षित तरह से Entrance गेट से बाहर आ गयी ! सभी लोग बहुत खुश थे ! सभी ने गार्ड की समझदारी पर तालियाँ बजायी !

     राहुल अपनी बात पर बहुत शर्मिंदा था, उसने बड़ी ही विनम्रता के साथ गार्ड को Sorry कहा ! और इस तरह, गार्ड की सलाह से इस मुश्किल समस्या का आसान समाधान हो गया !

 

दोस्तो,

     ऐसा ही तो, हमारे साथ भी होता है ! जब भी कोई मुश्किल या परेशानी आती है, तो हम परेशान हो जाते हैं और जल्दबाजी में कोई गलत निर्णय ले लेते हैं या हम लोग उस समस्या के बारे में आवश्यकता से बहुत अधिक सोचते हैं ! हम दिन-रात, सुबह शाम उसी समस्या में डूबे रहते हैं ! उस समय हम अपने दिमाग को शांत नहीं रख पाते और समाधान के लिए अपना पूरा ज्ञान ( Expertness) लगा देते हैं, लेकिन फिर भी कोई निर्णय नहीं ले पाते !

     दोनों ही स्थिति हम, समस्या को सुलझाने के बजाय, उस समस्या में उलझते ही चले जाते हैं ! जबकि ज्यादातर समय ऐसा देखा गया है कि उस समस्या का समाधान बहुत ही आसान होता है !

     और जब वह समस्या आसानी से सुलझ जाती है, तो हम मन ही मन अपनी योग्यता पर हँसते हैं और अपने-आप से कहते हैं —

  • अरे ! यह तो बहुत आसान था !
  • मैं भी तो इस तरह से सोच सकता था !
  • मेरे दिमाग में यह ख़याल क्यूँ नहीं आया ?
  • मैं तो व्यर्थ में ही इतना ज्यादा सोच रहा था और बेकार में ही परेशान हो रहा था !

दोस्तो,

     आपने महान वैज्ञानिक न्यूटन के बारे में तो, पढ़ा ही होगा ! एक बार जब वह सेब के बाग़ में बैठे थे, कि तभी पेड़ से एक सेब जमीन पर गिरा ! उन्होंने पेड़ से गिरते हुए सेब को देखकर, यह नियम दिया कि जिस भी वस्तु को हवा में ऊपर की ओर उछाला जाता है, वो अवश्य ही नीचे गिरती है !

    और इस आसान नियम से उन्होंने विज्ञान की अनेकों अनसुलझे रहस्यों को आसानी से सुलझा लिया ! और हमेशा हमेशा के लिए अपना नाम इतिहास के पन्नो में दर्ज करा दिया !

यहाँ कोई भी व्यक्ति यह आसानी से यह कह सकता है कि ………..

  • इसमें उन्होंने नया क्या बता दिया ???
  • यह तो होता ही है !
  • यह तो कोई भी बता सकता था !

लेकिन क्या न्यूटन से पहले इस बात को किसी ने महसूस किया ……….. नहीं !

 

इस कहानी में समझने वाली बात यह है, कि जीवन की किसी भी समस्या के समाधान के लिए…..

  • हमें बहुत अधिक परेशान होने की आवश्यकता नहीं !
  • हमें बहुत अधिक सोचने की भी जरूरत भी नहीं !
  • हमें बहुत अधिक expert point of view से सोचने की भी आवश्यकता नहीं !

 

    आवश्यकता है तो इस बात की, कि हम हर परिस्थिति में अपने मन को पूरी तरह से शांत रखें और पूरे धैर्य के साथ उसका सामना करें ! और यह सोचें कि यदि कोई मुश्किल है, तो अवश्य ही उसका कोई न कोई समाधान होगा !

क्यूंकि ज्यादातर समस्याओं में यह ही देखा गया है कि, बड़ी से बड़ी समस्याओं को बहुत ही आसानी से सुलझाया जा सकता है,,,,,,,,,,,,,

SO “`Don't encounter problems from the expert point of view. 
There is always a“` *LAYMAN point* “`that will give the best solution in a given point of time…“

JUST BE COOL & THINK SIMPLE !!!

 It works 9 out of 10 times.

 

तो आइये, अपनी सब समस्याओं को BYE – BYE कहकर, एक जानदार, शानदार, खुशहाल जीवन की तरफ अपने कदम बढ़ाएं !

 

(This story is inspired by Sh. Akash Gautam Sir blog )

 

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खुला आमंत्रण


दोस्तो, 
        यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  motivational story, article, कविता, idea, essay, real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों ) ……………… 

        जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

        तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

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धन्यवाद!!!

 

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