PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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ओक्य्ग्द

कैसे बढ़ाएं अपना आत्म-विश्वास ???

 

आत्म-विश्वास, जैसा की नाम से ही स्पष्ट है, स्वयं पर विश्वास

 

दोस्तो,

क्या आपने कभी सोचा है कि, क्यों कोई बड़ी से बड़ी कंपनी विराट कोहली जैसे धाकड़ क्रिकेट खिलाडी से अपना विज्ञापन कराती है ??? और इसके बदले एक भारी-भरकम रकम विराट कोहली को देती है ???

क्या कारण है कि, जब विराट कोहली अपना बल्ला लेकर मैच में Batting करने आता है, तो स्टेडियम ख़ुशी से झूमने लगता है, और लोगों को यह विश्वास हो जाता है कि यही वो खिलाड़ी है जो हमें मैच जिता सकता है !

कैसे विराट मैच दर मैच अच्छे रन बनाते जाता है ???

कैसे करोड़ों लोग उसके दीवाने होते हैं ? और उसको Follow करते हैं !

इन सभी सवालों का एक ही जबाब है कि, लोग विराट पर बहुत विश्वास करते हैं….. लेकिन क्या यह पूरा सच है ???      ….. नहीं

सच यह है कि विराट का खुद पर गजब का विश्वास है, यही कारण है कि वो प्रत्येक मैच में अच्छे रन बनाता है और इसी वजह से सभी लोग और बड़ी बड़ी विज्ञापन कंपनियां विराट पर आँख बंद करके विश्वास करते हैं !

क्या यह विश्वास एक दिन में हासिल किया गया है ….. नहीं बिलकुल भी नहीं

इसके पीछे विराट की वर्षों की अटूट मेहनत है,

अपने खेल के प्रति, उसकी दीवानगी है,

अपने काम से, उसका अटूट प्यार है, जो आज मैदान पर अच्छे रन के रूप में उसे हासिल हो रही है !!!

अतः स्पष्ट है कि, विराट कोहली की इस विशाल और भव्य सफलताओं के पीछे एक ही कारण है….. वो है विराट का खुद पर विश्वास ……उसका अपना आत्म-विश्वास

दोस्तो,

सोचने वाली बात यह है कि…….

  • क्या कभी विराट को यह डर नहीं लगा होगा कि अगर मैं क्रिकेट में असफल हो गया तो ??
  • क्या उसके माँ-पापा यह नहीं चाहते होंगे….. कि मेरा बेटा भी एक अच्छा इंजिनियर या डॉक्टर बने ?? क्या उस पर कोई पारिवारिक, सामाजिक दबाब नहीं होगा ??
  • क्या उसको किसी समस्या या कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा होगा ??
  • निर्णय लेने से पहले, उसको भी उन सभी डर (आगे क्या होगा ???), confusion का सामना करना पड़ा होगा ……….. जो आपके / या हम सभी लोगों के मन में होते हैं ???

यकीनन ……… उसके लिए भी यह फैसला लेना कठिन रहा होगा ! लेकिन तमाम तरह के डर और चुनौतियों के वाबजूद भी, उसने अपने लिए एक रास्ता चुना और पूरी हिम्मत / लगन के साथ उस पर चलना शुरू कर दिया ! यही कारण है कि, आज वो सफलता के शिखर पर है !

यह कमाल है, खुद पर विश्वास का………. आत्म-विश्वास का

दोस्तो,

दुनिया हमारे ऊपर तब तक विश्वास नहीं करेगी, जब तक हम स्वयं पर विश्वास नहीं करेंगे

अतः सभी सफलताओं का केंद्र-विन्दु है ………… हमारा आत्म-विश्वास

यदि हमें खुद पर विश्वास है, तो दुनिया की कोई भी ताकत हमें हमारी मंजिल पाने से नहीं रोक सकती ! हमारी सफलता १०० % सुनिश्चित है !

अतः यह कहा जा सकता है कि, सफलता के लिए आत्म-विश्वास अति अवश्यक है और आत्म – विश्वास हासिल करने के लिए यह जरूरी है की हम कोई काम अपने हाथ में लें और धीरे-धीरे अभ्यास से उसमें सफलता हासिल करें और उस खेल के पक्के खिलाड़ी बनें !!!

तो, आइये ! इस अद्भुत कला को अपना साथी बनायें और अपनी सफलता की एक नयी कहानी लिखें……..

अपना लक्ष्य स्पष्ट रखें :-

दोस्तो,

कल्पना करो कि, आपको किसी महत्वपूर्ण काम के सिलसिले में कहीं जाना है, लेकिन आपको यह नहीं पता है कि आपको कहाँ जाना है ???

तो क्या आप सही समय पर, सही स्थान पर पंहुंच सकते हो ???

नहीं, एक दम नहीं

ठीक इसी तरह से, एक सफल जीवन जीने के लिए यह आवश्यक है कि, आपको यह पता हो कि…….

जीवन में क्या पाना है ???

कैसे पाना है ???

और कब तक पाना है ???

यह एकदम स्पष्ट होना चाहिए……. की मुझे पाना क्या है ??? मुझे क्या चाहिए ???

अर्थात आपका जीवन का लक्ष्य एकदम स्पष्ट होना चाहिए ! उसके बारे में कोई भी, किसी भी तरह की दुविधा नहीं होनी चाहिए !

क्यूंकि जितना स्पष्ट आपका लक्ष्य होगा, आपकी सफलता उतनी ही विशाल और भव्य होगी और इसके विपरीत………

अपना आंकलन :

किसी भी इंसान को कोई भी व्यक्ति, उससे बेहतर नहीं जान सकता ! अर्थात जितना हम स्वयं को जान सकते है, कोई भी व्यक्ति हमें उतना अच्छा नहीं जान सकता !

आपको पूरी इमानदारी से अपना आंकलन करना होगा ! हमें यह पता करना होगा की हमारी कमजोरी क्या हैं ???

हमारी ताकत क्या हैं ???

हमारी खुद की क्षमताएं क्या है ???

हमारी अपनी रूचि (interest) क्या है ???

ऐसा नहीं होना चाहिए कि, जैसे जब आपने SULTAAN मूवी देखी और आपने निर्णय ले लिया की भाई पहलवानी में तो बहुत पैसा है, शोहरत है, तो क्यूँ न मैं भी पहलवान बन जाऊं ???

     सफल होने के लिए यह आवश्यक है कि आपका कोई भी निर्णय, आपके स्वयं के ईमानदार आंकलन और आपकी अपनी रूचि (INTEREST) पर आधारित होना चाहिए !

हमेशा सीखने के लिए तैयार रहें :   

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस क्षेत्र (FIELD / PROFESSION ) से हैं ? आपकी उम्र क्या है ? आपका रंग-रूप कैसा है ???

असली अंतर इस बात का है, कि आप सीखने के लिए कितने तैयार हैं ?

हमेशा अपने लक्ष्य को अपने समक्ष रखें और उसको पूरा करने के लिए, हमेशा सीखने को तत्पर रहें !

लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण : एक बार लक्ष्य निर्धारित करने के बाद, उस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ें ! इसके लिए यह जरूरी है की आपका, अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण ! उसको पूरा करने के लिए आपको तन, मन, धन से जुटना होगा ! आपका अपने लक्ष्य के प्रति जितना अधिक समर्पण होगा, आपकी सफलता उतनी ही विराट और भव्य होगी !

अपने काम पर गर्व : आप जो भी लक्ष्य तय करें, उस पर काम करते समय आपको ख़ुशी होनी चाहिए ! आपको अपने काम पर गर्व होना चाहिए, क्यूंकि जितना सम्मान आप अपने काम को देंगे, उतनी ही ताज गति से आप अपने लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे !

भविष्य में आपका काम ही आपकी पहचान बनेगा !

अच्छे समय का इंतज़ार न करें :

अधिकतर लोग कुछ काम तो करना चाहते हैं, पर वो यही सोचते है की जब अच्छा समय आएगा तो शुरू करेंगे ! और इसी इंतज़ार में वो काम ही शुरू नहीं कर पाते ! और यूँ ही अपनी इच्छाओं को मन में दबाते हुए इस दुनिया से चले जाते हैं !

दोस्तों,

यदि आपको अपनी कार से New Delhi जाना है, और आप सोचते हैं की मैं तभी अपने घर से निकलूंगा जब मुझे सभी ट्रैफिक light clear मिलेगी, तो क्या आप कभी new delhi जा पाओगे………….. नहीं बिलकुल भी नहीं

इसी तरह से आप अच्छे समय के भरोसे नहीं बैठे रह सकते क्यूंकि समय पूरी तरह से अनिश्चित है और इस पर आपका कोई नियंत्रण नहीं है !

आप जो भी काम करना चाहें उसे शुरू करें और आगे बढ़ें क्यूंकि समय बहुत अनमोल है !

छोटे से ही शुरुआत करो :

अधिकतर लोगों की यह मानसिकता बन गयी है कि वो कोई भी काम छोटे स्तर से शुरू नहीं करना चाहते हैं ! वो सोचते हैं कि हम तो बड़ा काम ही करेंगे लेकिन बड़े काम में पूँजी की अधिकता के कारन वो बड़ा काम भी नहीं कर पाते !

यह बिलकुल उसी तरह से है कि छोटा काम हम करेंगे नहीं और बड़ा काम हम कर नहीं पायेंगे !

सफल होने के लिए यह आवश्यक है की आप किसी भी काम की एक छोटी शुरुआत करें, और धारे-धीरे उसमें आगे बढ़ते जाएं !

पूरी योजना बनाइये :

लक्ष्य पर काम करने के लिए आपके पास एक स्पष्ट और लिखित योजना होनी चाहिए ताकि आप उस पर आसानी के साथ आगे बढ़ सकें !

काम शुरू करके उसे बीच में न छोड़ें :

आप जो भी काम अपने हाथ में लें उसको पूरा करके ही आगे बढ़ें ! हो सकता है की कुछ अड़चन / परेसानी आयें, लेकिन सभी चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए आगे बदें और अपना लक्ष्य पूरा करें !

अपने खेल के पक्के खिलाडी बनें :

आप जो भी काम करें उसमे पूरी तरह से खो जाएँ ! उसको अपना लें ! उसमें अपना १०० % दें !आपको उस काम की छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जानकारी हो ! आपको उस खेल का पक्का खिलाडी बनना होगा तभी लोग आप पर विश्वास करेंगे !

इस तरह से यदि आप कोई भी काम करते जाओगे तो धीरे धीरे स्वयं ही आपको अपने ऊपर आत्म विस्वास पैदा होगा और आप सफल हो जाओगे !

जब आप एक बार अपने दम पर कोई काम कर लोगे तो आपके अन्दर एक आत्म विश्वास आएगा जो आपको आगे बढ़ने में बहुत मदद करेगा !

दोस्तो,

यह आत्म-विश्वास ही है जिसके दम पर लोग भयंकर और विपरीत परिस्थितियों में सफलता की ईमारत बना देते हैं और जिसके अबाव में समर्थ और योग्य व्यक्ति भी उरी तरह से असफल हो जाता है !

(इसे अच्छी तरह समझने के लिये आप श्री नरेन्द्र मोदी जी और एक बड़ी पार्टी के बड़े नेता के जीवन से बहुत कुछ सीख सकते हो…………)

एक बड़े नेता………. नाम तो आप जानते ही होगे !

 

तो आइये ! आत्म – विश्वास की इस जादुई शक्ति को अपनाएं और एक सफल जिंदगी की आधार शिला रखें !

 

 

 

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1 Comment on Aatm – Vishwaas in english

Deepak said : Guest Report one year ago

श्री मन कभी कभी हमारे सामने इतने रस्ते दिखते हैं भले ही वो काल्पनिकता से उभरें हो कि हम।समझ ही नही पाते कि आखिर जाना किस रस्ते है और इसी उहापोह में जरूरी वक्त गवां देते है । आखिर कैसे समझे की कौन सा रस्ता आपके लिए है ?

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