PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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योग : स्वस्थ जीवन का आधार

By on June 19th, 2016

 

योग :  स्वस्थ जीवन का आधार

 

दोस्तो,

   यदि आपको यह बताया जाए कि, एक ऐसी कला / प्रक्रिया है जिसको अपनाकर आप संपूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं और यदि आप उसे नियमित रूप से अपनाएंगे  तो आप ताउम्र (जिंदगी भर) अच्छे स्वास्थ्य का आनंद ले सकते हैं !

आपको जानकर ख़ुशी होगी कि इस बेशकीमती कला को हासिल करने के लिए आपको आपको अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं है ! यह एकदम फ्री है !!!

………… तो आप क्या कहेंगे ???

आप कहेंगे वाह ऐसा भी होता है क्या ………….

जी हाँ !!!

उस जादुई कला का नाम है ……….. योग

दोस्तो,

   आपको जानकर हैरानी होगी कि, इस जादुई कला को पूरा विश्व ख़ुशी-ख़ुशी अपना रहा है, तो हम लोग क्यूँ पीछे रहें !

आइये, इस कला के बारे में जाने और इसको अपने जीवन में अपनाकर अपना अच्छा स्वास्थ्य सुनिश्चित करें !

 

योग का अर्थ  व महत्व

      योग एक ऐसी कला / प्रकिया है : जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का प्रयास किया जाता है ! इन तीनो के एक साथ आने से जो अनंत ऊर्जा मिलती है, यह ऊर्जा ही जीवनी-शक्ति कहलाती है ! इस शक्ति के द्वारा हम न सिर्फ एक अच्छा स्वास्थय प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने जीवन को सार्थक और सफल बना सकते हैं ! यह जीवनी- शक्ति अनमोल है और योग द्वारा हम इसे आसानी के साथ हासिल कर सकते हैं !

 

योग : क्यों करें ??? उससे हमारा फायदा ???

दोस्तो,

      जब भी हमें कोई सलाह दी जाती है, तो अक्सर ही एक सवाल उठता है ??? आपकी सलाह तो ठीक है, पर इससे हमारा क्या फायदा ???

योग से होने वाले फायदे (लाभ)

इससे अनगिनत लाभ होते हैं, जिनको शब्दों में नहीं कहा जा सकता ! लेकिन कुछ प्रमुख लाभ…..

  • यह आपको पूरी तरह से स्वस्थ बनाता है : externally & as well as internally
  • आपकी शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है : जिससे कोई भी बीमारी आपको जल्दी से छु भी नहीं सकती !
  • आपके मन को शांत करता है : ताकि आप अच्छे और उचित निर्णय ले पायें !
  • आपकी एकाग्रता को बढाता है : सफ़ल होने के लिए यह परम आवश्यक है !
  • आपके चेहरे पर तेज लाता है : जब आप पूरी तरह से स्वस्थ होंगे तो आपका आत्म-विश्वास कमाल का होगा !
  • आपके शरीर को चुस्त-दुरुस्त और फुर्तीला बनाता है !

दोस्तो,

    यदि आपको इसका उत्तम उदाहरण देखना हो, तो आप हमारे देश के आदरणीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को देख सकते हो ! मोदी जी केवल 3 घंटे सोते हैं और 18 घंटे काम करते हैं ! और इतना काम करने के बाद, इतने बड़े देश की जिम्मेदारी सँभालने के बाद, इतने दबाब में रहने के बाबजूद आप उनके चेहरे पर कोई थकान नहीं देख सकते ! यह जादू है ; योग में

योग करने से पहले कुछ आवश्यक सलाह :

दोस्तो,

      आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि भाई हम तो योग भी करते है, पर कोई फायदा ही नहीं होता ! इसका कारण यह है की वो लोग आधा-अधूरा या केवल दिखाने  के लिए ही योग करते हैं ! यहाँ मैं आपको कुछ आवश्यक बातें / जानकारियाँ  बता रहा हूँ, जिससे आपको पूरा फायदा होगा……

  • योग करने से पहले यह आवश्यक है कि, आपका पेट पूरी तरह से साफ़ होना चाहिए : इसके लिए आप रात में सोने से पहले त्रिफला चूर्ण  या आवंला-एलोवेरा का जूस ले सकते हैं
  • योग करने सबसे उचित समय प्रातः काल का है, ( सुबह 5 से 7 ) ! यदि आप चाहें तो, इसे आप शाम को भी कर सकते हैं पर यदि आप शाम में योग करते हैं तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि आप योग करने से  4 घंटे पहले भोजन करें
  • जहाँ आप योग करें तो कोशिश करें की वो स्थान हरा भरा हो ; साफ़ सुथरा हो, और वातावरण शांत हो
  • अपना फ़ोन या तो बंद कर दें या उसे साइलेंट कर दें 
  • बैठने के लिए नीचे अर्थात भूमि पर आसन बिछाना चाहिए।
  • बैठते समय हमारी रीढ़ की हड्डियाँ एक पंक्ति में अर्थात सीधी होनी चाहिए।
  • सुखासन, सिद्धासन, पद्मासन, वज्रासन किसी भी आसन में बैठें, मगर जिसमें आप अधिक देर बैठ सकते हैं, उसी आसन में बैठें।
  • प्राणायाम करते समय हमारे हाथों को ज्ञान या किसी अन्य मुद्रा में होनी चाहिए।
  • प्राणायाम करते समय हमारे शरीर में कहीं भी किसी प्रकार का तनाव नहीं होना चाहिए, यदि तनाव में प्राणायाम करेंगे तो उसका लाभ नहीं मिलेगा।
  • आप जितना आसानी के साथ कर सकते हैं करें
  • शुरुआत धीरे-धीरे करें और धीरे धीरे अपना समय बढ़ाते जाएं
  • प्रत्येक साँस का आना जाना बिलकुल आराम से होना चाहिए।
  • जिन लोगो को उच्च रक्त-चाप की शिकायत है, उन्हें अपना रक्त-चाप साधारण होने के बाद धीमी गति से प्राणायाम करना चाहिये।
  • यदि आँप्रेशन हुआ हो तो, छः महीने बाद ही प्राणायाम का धीरे धीरे अभ्यास करें।
  • प्रत्येक साँस के आने जाने के साथ मन ही मन में ओम् का जाप करने से आपको आध्यात्मिक एवं शारीरिक लाभ मिलेगा और प्राणायाम का लाभ दुगुना होगा।
  • साँसे लेते समय किसी एक चक्र पर ध्यान केंन्द्रित होना चाहिये नहीं तो मन कहीं भटक जायेगा, क्योंकि मन बहुत चंचल होता है।
  • साँसे लेते समय मन ही मन भगवान से प्रार्थना करनी है कि "हमारे शरीर के सारे रोग शरीर से बाहर निकाल दें और हमारे शरीर में सारे ब्रह्मांड की सारी ऊर्जा, ओज, तेजस्विता हमारे शरीर में डाल दें"
  • ऐसा नहीं है कि केवल बीमार लोगों को ही प्राणायाम करना चाहिए, यदि बीमार नहीं भी हैं तो सदा निरोगी रहने की प्रार्थना के साथ प्राणायाम करें।

यदि आप पूर्ण विश्वास के साथ और अच्छे से 1 महीने निरंतर करेंगे तो आप इसके चमत्कारी परिणाम देखेंगे !!!

योग कैसे काम करता है ???

दोस्तो,

यहाँ ये जानना अवश्यक है कि यह कैसे काम करता है ???

योग की  भिन्न-भिन्न मुद्राएँ हैं !

उनमें से कुछ प्रमुख :—

  • भ्रस्तिका
  • कपाल भाति
  • अनुलोम विलोम
  • भ्रामरी
  • उद्गीत

ज्यादा जानकारी के लिए आप देख सकते हैं : https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AE

 

योग की यह विशेषता है कि, यह हमें पूरी तरह से स्वस्थ बनाता है ! यह इस प्रकार काम करता है………….

योग सबसे पहले हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाता है !

लीवर को strong करता है

हमारी नसों को साफ़ करता है, (nerves system को strong ) नसों में किसी भी तरह की रुकावट को दूर करता है

मन को पूरी तरह से शांत कर देता है

किसी भी तरह के आतंरिक और वाह्य दर्द को पूरी तरह से ख़तम कर देता है

 

यदि हमारा पाचन तंत्र स्वस्थ हो जाएगा तो, हम जो भी भोजन करते हैं, उसका अच्छा पाचन होगा और उससे पूर्ण रस बनेगा और वो आगे के लिए लीवर में भेज दिया जाएगा ! यदि लीवर पूरी तरह से स्वस्थ है तो वह उसका अच्छा रक्त बनाएगा और वो आगे के लिए ह्रदय में भेज दिया जाएगा,

यदि रक्त अच्छा है, तो ह्रदय को बहुत कम काम करना पड़ेगा (जिससे हमारा ह्रदय भी स्वस्थ रहेगा ) और वो उसे अच्छे से शोधित करके पूरे शरीर में भेज देगा !  हृदय, रक्त को पूरे शरीर में भेजने के लिए  नसों और कोशिकाओं का प्रयोग करता है ! यदि (nerves system) अच्छा है, उसमे कोई रुकावट नहीं है, तो हमारा रक्त पूरे शरीर में निर्बाध गति से  से दौड़ेगा !

और यदि हमारा रक्त सिर के बालों की कोशिकाओं से लेकर पैर के नाखूनों की कोशिकाओं तक दौड़ेगा तो क्या कोई बीमारी हो सकती है ??? 

बिलकुल भी नहीं !!!

    इसका अर्थ यह हुआ की योग / प्राणायाम एक तरफ हमारे शरीर में अच्छा रक्त बने और यह रक्त  पूरे शरीर में बिना रूकावट के पंहुचे यह सुनिश्चित करता है और दूसरी तरफ हमारे मन को पूरी तरह से शांत करके उसको अच्छे और नए विचारों के लिए अनुकूल बनाता है !!!

और इस तरह से हम एक स्वस्थ दिमाग और चुस्त-दुरुस्त, फुर्तीला और पूरी तरह से स्वस्थ शरीर प्राप्त कर लेंगे !

तो आइये, इस 21 june को पूरे उत्साह के साथ International Yoga Day मनाएं और योग को अपने जीवन का आधार बनाकर अपने संपूर्ण स्वास्थ्य  की एक मजबूत और बुलंद आधार-शिला रखें !

 

आपके स्वस्थ और खुश हाल जीवन का आकांक्षी…..

आपका अपना मित्र,

प्रणव भारद्वाज

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धन्यवाद !!!

 

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