PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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कैसे
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सही राह… कैसे चुनें ???

By on June 28th, 2016

 

सही राह… कैसे चुनें ???

 

     एक गाँव में राहुल नाम का, एक लड़का रहता था । राहुल पढाई में बहुत कमजोर था । इसी कारण से, वह ज्यादा नहीं पढ़ पाया और कक्षा 5 तक की पढ़ाई करने के बाद उसने पढाई छोड़ दी । जब वह बड़ा हुआ, तो घर- वालों ने उसे समझाया कि “ बेटा, अब तुम बड़े हो गये हो, तुम्हें अपनी जीविका चलाने के लिए कुछ काम करना चाहिए” ।

     राहुल काम की तलाश में शहर आया । वहां राहुल ने देखा की एक मिठाई कि दुकान पर खूब भीड़ लगी थी । उसकी मिठाई हाथों हाथ बिक रही थी । राहुल ने सोचा कि, इस काम में तो बहुत अच्छी आमंदनी होती है, तो क्यूँ न, मैं भी एक मिठाई की दूकान खोल लूँ और इसी की तरह अच्छे पैसे कमाऊं ??? राहुल ने तय कर लिया कि, वो भी मिठाई की दुकान खोलेगा ।

     उसने एक दुकान किराये पर ली और मिठाई की दुकान खोल ली । राहुल को मिठाई के काम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और न ही उसने, यह काम पहले कभी, किया था । उसे मिठाई के काम में बहुत मुश्किल आने लगी । Quality अच्छी नहीं होने के कारण उसकी मिठाई बिक भी नहीं पा रही थी । वो बहुत परेशान रहने लगा ।

     एक दिन राहुल का एक मित्र, उसकी दुकान पर आया । उसने राहुल को सलाह दी कि, भाई ! इस मिठाई के काम में तो बहुत मेहनत है और इतना पैसा भी नहीं है । जितना मैं समझता हूँ, यहाँ तुम्हारे आस-पास किसान-भाई बहुत ज्यादा हैं । तो क्यूँ न तुम खाद-बीज की दुकान खोल लो । आज-कल इस काम में बहुत अच्छा पैसा है ।

     राहुल को उसकी बात समझ आ गयी । उसने मिठाई की दूकान बंद कर दी और बैंक से Loan लेकर खाद-बीज की दुकान खोल ली । समय बीतने लगा, पर राहुल की आमंदनी बहुत सीमित थी । वजह साफ़ थी : उसका कम अनुभव और अपने काम की कम जानकारी ।

     इस तरह से राहुल ने, अन्य भी कई काम किये, परन्तु उसको सफलता नहीं मिल पायी ।

     लगातार पूँजी डूबने के कारण, उसके ऊपर काफी कर्ज हो गया था । उसने अपने हिस्से की जमीन बेचकर, जैसे-तैसे अपना कर्ज चुकाया ।

     राहुल का आत्म-विश्वास पूरी तरह से टूट गया, उसे अब यह विश्वास हो गया की business करना, उसके बस की बात नहीं और आज हालात यह हैं, कि राहुल एक कंपनी में labour(मजदूर )के रूप में कार्य करके अपना जीवन यापन कर रहा है ।    

दोस्तो, राहुल ने जितने भी काम किये……

  • वो पूरी तरह से आमंदनी पर आधारित थे, न की उसकी रूचि(INTEREST) पर ( इसका अर्थ यह हुआ कि, उसने केवल यह देखा कि किस काम में पैसा अच्छा है, उसने इस बात पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया की उस कार्य को करने की योग्यता उसमें है भी या नहीं : वो जल्दी से जल्दी अमीर बनना चाहता था )
  • उसने काम शुरू करने से पहले, न तो काम के बारे में पूरी जानकारी ली और न ही कोई योजना बनायीं और बिना सोचे-विचारे काम शुरू कर दिया  
  • उसने काम शुरू तो किये, पर किसी भी काम को पूरा नहीं किया

यही वो मुख्य वजह रही कि राहुल पूरी तरह से असफल हो गया ।

दोस्तो,

        हम लोग भी तो जाने अनजाने में इस तरह की गलती कर जाते हैं, विशेषकर 12th class के बाद और इसका भुगतान जिंदगी भर करते रहते हैं………..

कैसे ???

        जैसे ही हम 12th पास करते हैं, और आगे की पढाई के बारे में सोचते हैं, तो हमारा CAREER का निर्णय पूरी तरह से निम्न बिन्दुओं पर आधारित होता है ……….

  • हमारा मित्र क्या करने जा रहा है ( B.Com, B.Sc या B.Tech या कुछ और )
  • समाज और लोगों का रुझान : IIT, MBBS की तैयारी
  • जो घर के बड़े लोग हमारे लिए निर्धारित कर दें
  • कोई ऐसा फील्ड जिसमें बहुत अच्छा पैसा हो  
  • बस यूँ ही जल्दी से जल्दी अमीर बन जाएँ

  और हम अपने CAREER का निर्णय ले लेते हैं ।

   हम यह भी नहीं सोचते कि हमारा….

  • अपना मन क्या करने का है ???
  • हमारी स्वयं की रूचि (INTEREST) क्या है ???
  • हमारी अपनी क्षमता (CAPACITY) क्या हैं ???
  • हमारी अपनी ख़ुशी किस काम को करने की है ???
  • हम अपनी जिंदगी में, क्या पाना चाहते हैं ???
  • हमारी अपनी जिंदगी का मकसद क्या है ???

                          और जब असफल हो जाते हैं, तो कभी खुद को, कभी परिस्थितियों को या कभी अपनी किस्मत को दोष देते हैं ।

और सोचते हैं ………..काश ! मैंने ऐसा निर्णय लिया होता या वैसा निर्णय लिया होता !!!

लेकिन तब तक वक़्त बहुत आगे निकल  चुका होता है, और हम इसी काश के साथ अपनी जिंदगी बिता देते हैं !!!

दोस्तो,

     कितनी विचित्र बात है………

     हम क्या खाना खायेंगे ???

     क्या कपडे पहनेगे ???

     कैसा hair style रखेंगे ???

     कैसे माहौल में रहेंगे ???

     कौन सा Mobile खरीदेंगे ???

                 इन सब छोटी – छोटी बातों का निर्णय हम स्वयं लेते हैं ! और इनमें अपनी पूरी मनमानी करते हैं !!! इनका चुनाव करने में बहुत सोच-विचार करते हैं ! यहाँ तक कि हम अपने माँ –पापा की बात भी नहीं सुनते !!!

 

लेकिन बात जब CAREER चुनने की आती है !

     या जब हमें, अपनी जिंदगी की दिशा और दशा तय करनी होती है !

     हमें कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना होता है !

     तो हम पूरी तरह अन्य लोगों की सलाह पर निर्भर हो जाते हैं !!!

     और बिना सोचे विचारे, जल्द्वाजी में निर्णय ले लेते हैं !!!

 

कैसे करें,  इस समस्या का समाधान ???

 

दोस्तो,

     क्या आपने सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली का नाम सुना है ??? बिलकुल सुना होगा !

     ये क्रिकेट खिलाड़ी पूरे-पूरे दिन क्रिकेट खेलते हैं, सालों-साल क्रिकेट खेलते है, लेकिन  फिर भी पूरे जोश व उत्साह के साथ अगले मैच में मैदान पर होते हैं और पहले से ज्यादा रन बनाते हैं !

    जरा सोचिये………..

क्या इन लोगों को थकान नहीं होती ???

क्या ये अपने काम से ऊबते नहीं हैं ??? (रोज एक जैसा काम )

नहीं …………बिलकुल भी नहीं 

    इसका मतलब स्पष्ट है कि, उस काम को करने में उन्हें आनंद आता है । उसमें उनका मन लगता है, उस काम को करने में उनकी रूचि(interest) है,

    यही कारण है की उनको थकान या बोरियत नहीं होती और वो उस काम को बेहतर से बेहतरीन तरीके से करते रहते हैं और रही बात पैसे की, तो उसके बारे में आप जानते ही हैं !

    यही वो तरीका है, जिससे हम सभी अपने लिए एक उचित राह चुन सकते हैं………

    हमें अपनी इच्छा और अपने INTEREST (रूचि) के बीच अंतर सीखना होगा

दोस्तो,

    जीवन में सफल होने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि……..

  • हमारी रूचि (INTEREST) क्या है ???
  • वह कौन सा काम है जो हम बिना थके, बिना रुके आसानी के साथ कर सकते हैं
  • ऐसा काम जिसमें हमारा मन लगे, हमें उस काम को करने में बोरियत न हो
  • ऐसा काम, जिसमें हम अपना 100 % दे सकें
  • वो काम जिसमें हमारा जूनून देखना लायक हो, जो हमारी पहचान हो

   इस तरह से आप अपनी रूचि पता कर सकते हैं ।

   और एक बार रूचि पता करने के बाद यदि आप उसी के अनुरूप काम करेंगे तो आपकी सफलता सुनिश्चित है

   अपनी रूचि जानने के लिए आप अपने किसी बड़े की सलाह ले सकते हैं ! 

   याद रखिये परमात्मा ने प्रत्येक व्यक्ति को कोई न कोई हुनर अवश्य दिया है ! आवश्यकता है तो उस हुनर को पहचानने की और उस पर काम करके, उसको निखारने की !!!

दोस्तो,

    यदि आप इतिहास उठाकर देखोगे, तो आप पाओगे कि इस दुनिया के बड़े काम उन्हीं लोगों ने किये हैं जो भीड़ से अलग अपनी एक पहचान लेकर चले हैं ।

    यह हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि, आज हमारे सामने हजारों Career options हैं,

    जरूरत है तो उनमें से अपनी रूचि के अनुसार विकल्प चुनने की । और अपने क्षेत्र का पक्का खिलाडी बनने की !

दोस्तो,

    यदि आप कुछ पाना चाहते हो, और यदि आपके अन्दर उसे पाने का जूनून है, तो फिर आपको उसे पाने के लिए किसी कार्य योजना की आवश्यकता नहीं है ! रास्ते खुद  व खुद मिल जाएगे…….. आपको बस कदम बढ़ाना है !!!

    जो आप चाहो, और उसे पा लो यही तो असली सफलता है और वो यहीं से होकर गुजरती है ।

    आपको केवल यह तय करना है….. कि आपको पाना क्या है ???

    और जब तय कर लिया, तो सभी दुविधाओं (if & but) से बाहर निकलते हुए, तमाम परेशानियों को चुनौती देते हुए आगे आइये, आपकी मंजिल, आपको गले से लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार है ।

    अब आपको यह तय करना है कि, आपको इस दुनिया की भीड़ में खोना है या अपने खेल का पक्का खिलाडी बनकर, अपनी एक अलग पहचान बनानी है ।

 

आपके सुखी और सफल जीवन का आकांक्षी…….

आपका अपना मित्र

प्रणव भारद्वाज

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