PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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समस्या v/s समाधान 

By on May 17th, 2016

 

समस्या v/s समाधान 

 

      एक दिन एक कुत्ता, भोजन के सिलसिले में जंगल की ओर गया और जंगल में रास्ता भटक गया । तभी उसने देखा कि एक शेर उसकी तरफ आ रहा है । कुत्ते की साँसे थम गयीं । उसने सोचा “ आज तो, मेरा काम तमाम हो जाएगा !

      उसने सोचा कि “यदि मैंने भागने की कोशिश की तो यह शेर मुझे नहीं छोड़ेगा क्योंकि मैं कितना भी तेज क्यूँ न भागूं पर शेर से तेज नहीं दौड़ सकता । उसके पास विकल्प बहुत कम थे । उसने हिम्मत से काम लिया । उसने देखा की उसके आस – पास सूखी हड्डियाँ पड़ी थी । वह शेर की तरफ पीठ करके बैठ गया और एक हड्डी चूसने लगा ।

      कुत्ता जोर-जोर से बोलने लगा “वाह, आज तो मजा ही आ गया । शेर को खाने का मजा ही कुछ और है । एक और शेर मिल जाए तो पूरी दावत हो जाएगी । ऐसा कहते हुए कुत्ते ने जोर से डकार मारी ।

     कुत्ते के मुख से ऐसी बात सुनकर शेर सोच में पड़ गया । उसने मन ही मन सोचा “यह कुत्ता सामान्य कुत्ता नहीं है । यह तो बहुत खतरनाक है । यह शेर का शिकार करता है । यहाँ से भागने में ही भलाई है ” और शेर उल्टे पैर ही वहां से भाग खड़ा हुआ ।  

कुत्ता बहुत खुश हुआ उसने चैन की सांस ली ।

       पेड़ पर बैठा बन्दर यह सब कुछ देख रहा था । उसने सोचा कि यह बढ़िया मौका है – मैं शेर को सारी घटना की सच्चाई बता दूंगा । शेर से दोस्ती हो जाएगी और इस तरह से शेर से जिंदगी भर का जान का खतरा भी खत्म हो जाएगा ।  

    बंदर मन ही मन खुश हुआ और फटाफट शेर के पीछे दौड़ा ।

   कुत्ते ने बन्दर को शेर के पीछे जाते देख लिया । वो समझ गया की जरूर कोई खतरा आने वाला है ।

       बन्दर ने शेर को पूरी कहानी बता दी कि कैसे एक कुत्ते ने उसे बेबकूफ बना दिया है !  शेर को बहुत क्रोध आया । वो जोर से दहाडा और उसने बन्दर से कहा “ चल मेरे साथ, अभी कुत्ते को सबक सिखाता हूँ” और बन्दर को अपनी पीठ पर बैठाकर शेर कुत्ते की तरफ लपका ।

      कुत्ते ने शेर को अपनी तरफ आते देखा पर इस बार वो घबराया नहीं क्योंकि उसे इस बात का अंदाज़ा था और वो पहले से ही सावधान था । उसने फिर हिम्मत का सहारा लिया और एक बार फिर से शेर की तरफ पीठ करके बैठ गया और जोर –जोर से बोलने लगा “बहुत ही काम-चोर बन्दर है यह । इससे एक काम भी ठीक से नहीं होता है । पूरा 1 घंटा हो गया पर इससे एक शेर भी नहीं फंसाया गया । आने दो अभी इसे मजा चखाता हूँ ।

      यह सुनते ही शेर घबरा गया । उसने बन्दर को अपनी पीठ से पटका और वापस जंगल की तरफ भाग गया ।

      इस तरह कुत्ते ने अपनी सूझ-बूझ और हिम्मत की बदौलत शेर पर विजय पा ली ।

 

(पंचतंत्र की कहानियां से उद्धृत)

 

 

दोस्तो,

     किसी भी समस्या को देखने / समझने के दो तरीके होते हैं । यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है की वो समस्या को किस तरह से देखता / समझता है…..

  • . समस्या – देखो — भाग लो ( Run Away )
  • . समस्या – देखो / समझो — भाग लो ( Participation & Solution )

आइये इन्हें समझने की कोशिश करते हैं :-

समस्या देखो — भाग लो ( Run Away ) :-

      जो व्यक्ति किसी भी समस्या को देखकर परेशान हो जाता है, और उससे भागने की / मुंह चुराने की/ नजरअंदाज करने की कोशिश करता है वो जिंदगी भर समस्या से भागता ही रहता है । ऐसा करके वो कहीं न कहीं अपनी समस्या को ही बढाता है, और जब थक जाता है, तो उन समस्याओं को ही अपना भाग्य मान लेता है ।

     समस्या से भागने का सीधा मतलब यह हुआ की आपने उस समस्या से हार मान ली और मन से हारा हुआ आदमी कभी भी जीत नहीं सकता ।

समस्या देखो / समझो — भाग लो ( Participation & Solution ) :-

     जो व्यक्ति किसी भी समस्या के आने पर विचलित नहीं होता बल्कि समस्या को समझने की कोशिश करता है और उसमें भाग (participate) लेता है । वो यह सोचता है की यदि कोई समस्या है तो उसका समाधान भी अवश्य होगा और वो समाधान की तरफ आगे बढ़ने की कोशिश करता है ।

     अपनी सूझ-बूझ और हिम्मत के द्वारा वो बड़ी से बड़ी समस्या को भी हल कर लेता है । वो समस्या से भागता नहीं बल्कि हिम्मत से उसका मुकाबला करता है और समस्या पर विजय पाता है ।

दोस्तो,

    यह सच है की जब तक हमारा जीवन है – हमें हर रोज नयी-नयी समस्याओं का सामना करना होगा । लेकिन यह हम पर निर्भर है कि हम किसी समस्या को – समस्या मानते हैं या उसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर उसका समाधान तलाशते हैं ।

 

समाधान

 

    समस्या और समाधान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । जब भी आपके समक्ष कोई समस्या उत्पन्न हो तो आप – स्वयं को यह विश्वास दिलाएं की यदि कोई समस्या है तो उसका समाधान भी होगा । समस्या कितनी भी बड़ी क्यों न हो लेकिन यदि आप उससे बिना विचलित हुए उसके समाधान पर काम करेंगे तो आपकी जीत निश्चित है परन्तु इसके विपरीत यदि आप केवल समस्या के बारे में ही सोचेंगे तो आप समस्याओं के जाल में उलझते ही चले जाएँगे ।

    यहाँ याद रखने वाली बात यह है कि…….

जो लड़ गया ! वो जीत गया !!

जो डर गया ! वो …… गया !!

दोस्तो,

    कोई भी समस्या अपने आप में अकेली नहीं होती बल्कि वो अपने साथ विभिन्न प्रकार के डर ( चिंता, तनाव, क्रोध ) भी लेकर आती है । जीतने के लिए यह आवश्यक है कि आप उससे डरें नहीं / भागें नहीं बल्कि अपनी तरफ से उसे चुनौती दें । आप समस्या को यह बता दें की आप उससे लड़ेंगे और हर हाल में अपनी जीत सुनिश्चित करेंगे ।

    यदि आप इस तरह से सोचेंगे तो आप बड़ी से बड़ी समस्या से आसानी से जीत सकते हैं ।

 

जीवन के हर क्षेत्र में आपकी जीत का आकांक्षी………

आपका अपना दोस्त

Pranav Bhardwaj

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