PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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hausle ki udaan
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हौंसले की उड़ान

By on May 13th, 2016

 

हौंसले की उड़ान

इरा सिंघल – IAS Topper 2014

 

दोस्तो,

      यदि आपको यह बताया जाए कि, एक इंसान जो शारीरिक रूप से 62 % दिव्यांग है, उसने सभी लोगों को पीछे छोड़ते हुए     IAS (देश का सबसे प्रतिष्ठित Exam) TOP किया है । तो आप क्या कहेंगे ???

      आप कहेंगे, “ यह तो चमत्कार हो गया ”

      इस चमत्कार को साकार किया है : Ms Ira Singhal ( IAS – Topper 2014 )

      इरा जी ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे, बुलंद हौसले और खुद पर अटूट विश्वास के बदौलत कोई भी व्यक्ति बड़ी से बड़ी सफलता हासिल कर सकता है । इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की हमारी परिस्थितियां कैसी हैं ? लक्ष्य को पाने की हमारी जिद्द ही हमारी सफलता सुनिश्चित करती है । 

जीवन- परिचय :

      इरा सिंघल जी का जन्म मेरठ के एक सामान्य परिवार में हुआ था । उनके पिता का नाम राजेन्द्र सिंघल और माँ का नाम अनीता सिंघल था । इरा सिंघल के पिता एक बीमा और वित्तीय क्षेत्र में (Advisor) सलाहकार हैं । इरा जी ने अपनी स्कूली शिक्षा मेरठ और दिल्ली से की । इरा की गिनती बचपन से ही प्रतिभाशाली  Students में की जाती थी । इरा ने आगे की पढाई दिल्ली से पूरी की ।

B.Tech (CS)  :    NSIT, Delhi   

MBA              :   FMS Delhi

जीवन-संघर्ष :

      इरा जी बचपन से ही रीढ़ की हड्डी की एक गंभीर बीमारी (स्कोलियोसिस) से पीड़ित हैं । इस बीमारी के कारण उनकी रीढ़ की हड्डी सीधी न होकर वक्राकार अर्थात थोड़ी घुमावदार हो गयी है जिसके कारण उनको काफी तकलीफ रहती है । अपनी इस बीमारी की वजह से वो सीधी भी खड़ी नहीं हो पातीं हैं । बीमारी की वजह से उनकी लम्बाई भी काफी कम रह गयी है – 4 फीट और 5 इंच (अनुमानित)। इरा जी शारीरिक रूप से 62 % दिव्यांग हैं । अपनी कम लम्बाई और रीढ़ की बीमारी की वजह से इरा जी को जीवन जीने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।

सामाजिक चुनौतियाँ :  

      इरा जी कहती हैं :- दिव्यांग लोगों को समाज में उतना सम्मान नहीं मिलता, जो उनको मिलना चाहिए । उनको सहानुभूति की नजर से देखा जाता है । दिव्यांग लोगों को समय-समय पर समाज में, स्कूल-कॉलेज में, ऑफिस में तिरस्कार और अपमानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है ।

      इरा जी अपने बचपन की एक घटना को याद करते हुए कहती हैं कि “ जब मैंने पढ़ाई के लिए एक नामी गिरामी स्कूल Modern School, New Delhi. में एडमिशन लेने का प्रयास किया, तो प्रिंसिपल ने मेरा admission लेने से इन्कार कर दिया और मेरे पापा से कहा “ आप अपनी बच्ची का admission किसी दिव्यांग – बच्चों के स्कूल में करवा दीजिएगा क्योंकि आपकी बच्ची का हमारे स्कूल में पढना अन्य बच्चों के लिए अच्छा नहीं रहेगा । जबकि मैं Sophia Girls School, Meerut, and Loreto Convent School, Delhi. की School Topper रही थी । यह मेरे लिए और मेरे पापा के लिए किसी अपमान से कम नहीं था ।  

सामजिक नजरियाबेटा – बेटी में भेद-भाव :-

      इरा जी ने १९९४ में एक accident में अपने भाई को खो दिया था । समाज के लोगों ने उनके पापा को समझाया “ सिंघल जी आपका एक बेटा था वो भी भगवान् ने ले लिया । अब आगे की जिंदगी कैसे गुजारोगे ???

      मेरे पापा कहते थे कि, “ मेरे पास यह बेटी है । मेरे लिए यही मेरा बेटा है। मैं इसे खूब पढ़ाऊंगा और कामयाब बनाऊंगा ” – पापा की इस बात पर कोई भी व्यक्ति सहमत नहीं होता था । लोग कहते थे कि घर तो बेटे से ही रौशन होता है, बेटी से कैसी उम्मीद और उस पर आपकी यह बेटी तो शारीरिक रूप से 62 % दिव्यांग है, इससे कैसे उम्मीद ? पर मेरे पापा ने हर कदम पर मेरा साथ दिया । मैं आज जो भी हूँ मेरे पापा के सहयोग से हूँ । IAS बनकर, आज मैंने अपने पापा को सच साबित कर दिया है । 

बड़ी चुनौती :-

      इरा सिंघल ने 2010  में ही सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली थी और वे Indian Revenue Service – IRS पद पर नियुक्ति की हकदार थी ! लेकिन शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के कारण Department ने उनकी नियुक्ति पर रोक लगा दी | इरा ने  हार नहीं मानी और उन्होंने Central Administrative Tribunal (CAT)  में मामला दर्ज कराया । 

      CAT का फैसला Ira Singhal के पक्ष में आया और उन्हें Assistant Commissioner of Customs and Central Excise Service (IRS) पर नियुक्त किया गया । 

      कई मुसीबतों के बावजूद इरा सिंघल ने प्रयास जारी रखा ।  इरा जी ने 2010, 2011 और 2013 और 2014 में प्रयास किया । अपने चौथे प्रयास में  उन्होंने  2014 Civil Service Exam में Top कर, फिर से यह साबित कर दिया कि भले ही वे शारीरिक रूप से थोड़ी कमजोर है लेकिन मानसिक रूप से वे बेहद शक्तिशाली है । 

उपलब्धि :-

सबसे बड़ी उपलब्धि           :       IAS TOPPER in 2014

Marketing Trainee        :      Coca-Cola India 

Manager                       :      Cadbury India  ( SALARY 9 Lac Per Annum )

Asst. Commissioner      :       IRS (Customs and Central Excise Service Department )

सहायकआयुक्त              :       भारतीय राजस्व सेवा (Customs and Central Excise Service Department )

उनका कहना :-

“Accept who you are and never pity yourself. You are not useless,” is her message to others who are differently-abled.

इरा जी का सपना :-

       I want to be an IAS officer. I want to do something for the benefit of physically challenged people”

IAS TOP करने पर वो कहती हैं कि :- 

       मुझे पूरा विश्वास था की मैं IAS बनूँगी, और मैं इसी दिशा में कोशिश कर रही थी, पर आज जो मुझे हासिल हुआ है, मुझे अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि मैंने IAS TOP किया है । यह एक सपना सच होने जैसा है । 

       इरा जी का जीवन-संघर्ष किसी भी व्यक्ति के लिए प्रेरणा-स्त्रोत हो सकता है । विषम परिस्थितियों के बाबजूद इतनी बड़ी सफलता हासिल करना – स्वयं में किसी चमत्कार से कम नहीं है । उन्होंने यह बता दिया कि जिनके हौसले बुलंद होते है, वे मुश्किलों से डरते नहीं और सफलता को उनके आगे झुकना ही पड़ता है |

दोस्तो,

       यहाँ समझने वाली बात यह है कि….

इरा जी का सपना : IAS बनना

हासिल : IAS TOPPER

       इसका सीधा सा अर्थ यह है कि, यदि आप अपने जीवन में एक लक्ष्य तय करके अपनी पूरी इमानदारी के साथ उसको हासिल करने का प्रयास करोगे, तो आप इतना ज्यादा हासिल करोगे — जो आपने अपने सपने में भी नहीं सोचा होगा – यही सफलता का मूल-मन्त्र है ।

       इरा जी के जीवन को देखकर इतना ही कहा जा सकता है कि……

मंजिले उनकों ही मिलती हैं ! जिनके सपनों में जान होती है !!

पंख से कुछ नहीं होता ! हौंसलों से उड़ान होती है !!

इरा जी के जीवन संघर्ष को आपसे SHARE करने के पीछे मेरा मकसद आपके दिल-दिमाग में यह विश्वास जगाना है कि ……..

असंभव, – कुछ भी नहीं है !

हम जो चाहें, जैसा चाहें और जितना चाहें, – हासिल कर सकते हैं । जरूरत है, तो केवल और केवल ईमानदार प्रयास की……..

 

आपके सुखी और सम्पन्न जीवन का आकांक्षी……

आपका अपना दोस्त

प्रणव भारद्वाज

 

नीचे दिए गये लिंक पर जाकर आप इरा सिंघल जी के बारे और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं :- 

Link : http://www.jagranjosh.com/articles/ira-singhal-upsc-ias-topper-shares-her-success-story-1436527168-1

http://www.iaspaper.net/ira-singhal-ias-topper-rank-1-interview/

 


खुला आमंत्रण


दोस्तो, 
        यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  motivational story, article, कविता, idea, essay, real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों ) ……………… 

        जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

        तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

        पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी websitewww.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।  

धन्यवाद!!!

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