PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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Most Inspirational Personality : Padam Shree Haldhar Nag Ji

By on April 3rd, 2016

शानदार एवम् प्रेरणादायक व्यक्तित्व…..

पदम् श्री हलधर नाग जी 

 

दोस्तो,

   आइये, आज हम आपको ऐसे सच्चे हीरो से मिलवाते हैं, जिनके बारे में जानकर आपको ख़ुशी होगी ।

   एक बाबर्ची से महाकवि बनने का सफ़र आपको रोमांचित कर देगा और आपके दिल की गहराइयों से यह आवाज आयेगी, कि…………..

कुछ, भी असंभव नहीं है !!! कुछ भी तो, नहीं !!!

परिचय :-

हलधर नाग जी की गिनती देश के महान कवि/लेखक के रूप में की जाती है । हलधर जी उड़ीसा में लोक कवी रत्ना के रूप में जाने जाते हैं । हलधर जी उड़ीसा में लोकप्रिय संबलपुरी-कोशली भाषा के मशहूर कवि हैं ।

जीवन – संघर्ष  :-

      हलधर जी का जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था । जब वह १० वर्ष के थे, तब इनके पिता जी की मृत्यु हो गयी । घर की आर्थिक स्थिति तो पहले से ही बहुत ख़राब थी, ऊपर से पिता जी का सहारा भी न रहा । हलधर जी पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो । पर उन्होंने अपने संघर्ष-शक्ति की बदौलत जीवन को जीना शुरू किया ।

      गरीबी के कारण हलधर जी ज्यादा नहीं पढ़ सके, और इन्होंने कक्षा 3 के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी । घर खर्च चलाने के लिए हलधर जी ने एक मिठाई की दुकान पर बर्तन धोने का काम किया । कुछ समय बाद गाँव के प्राथमिक विद्यालय में हलधर को बाबर्ची की नौकरी मिल गयी । हलधर ने यह काम 16 वर्ष तक किया । इसके साथ- साथ हलधर ने स्कूल के निकट ही एक छोटी stationary की दूकान भी खोली । उनका जीवन बहुत कठिनाइयों में गुजरा ।

      इसी दौरान हलधर जी में लिखने की रूचि विकसित हुई, और वह कविता लिखने लगे । 1990 में उन्होंने अपनी पहली कविता DHODO BARGACHH (पुराने बरगद का पेड़) लिखी । उनकी इस कविता को स्थानीय पत्रिका में प्रकाशित किया गया । इससे हलधर बहुत प्रोत्साहित हुए । उन्होंने अपनी लेखन क्षमता/मेहनत से 4 कवितायें और  लिखीं । जिनको पत्रिका ने प्रकाशित किया । हलधर जी ने फिर फिर पीछे मुड कर नहीं देखा ।

उनकी शादी मालती जी से हुई है, उनकी एक बेटी है जिसका नाम नंदिनी है ।

      हलधर, ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, और उनको कविता लिखने का ज्यादा ज्ञान भी नहीं था, पर वो इतने भाव-विभोर होकर लिखते थे, कि उनकी रचना लोगों के मन को छू जाती थी । धीरे-धीरे हलधर अपने क्षेत्र में प्रसिध्द होने लगे ।

      हलधर जी बहुत ही सामान्य तरह से अपना जीवन जीते हैं । वह केवल एक सफ़ेद धोती और एक बनियान में रहते हैं । यहाँ तक कि वह अपने पैरों में चप्पल तक नहीं पहनते हैं । उनका मानना है कि, व्यक्ति की पहचान उसके विचारों और उसके कर्मों से होती है न की उसके पहनावे से । सच में, हलधर जी अपने आप में ही एक महा-काव्य हैं ।

समाज/देश में योगदान :-

      हलधर जी ने अपनी कविताओं में प्रकृति, समाज, पौराणिक कथाओं और शोषित जैसे मुद्दों को उठाया है । उनके महाकाव्य कविता Achhian ( अछूत कौन सा मतलब है! ) में जाति संरचना की एक मजबूत आलोचना की गयी है, और सामाजिक व्यवस्था में सभी को न्याय मिले इसकी कडे शब्दों में वकालत की गयी है ।

       हलधर जी, के बारे में कहा जाता है कि वह कभी कुछ याद करके नहीं बोलते, जब वह मंच पर कविता सुनाने आते हैं, तो वहीँ एक नयी कविता बना लेते हैं । हलधर जी के लिए कविता, केवल कविता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह कहते हैं कि, मैं कविता के माध्यम से लोगों के मन की बात को पूरे समाज के सामने रखता हूँ और हमारे लिए कविता लोगों की समस्या सुलझाने का एक शशक्त माध्यम हैं । सामाजिक कुरीतियों से कैसे लड़ा जाए ? कैसे लोगों में एक नयी चेतना का संचार हो, ताकि हमारा समाज/देश विकसित हो सके, यही उनकी कविताओं का मूल भाव होता है । वह अपने इस प्रयास में काफी सफल भी हुए हैं ।

       अपनी इसी सोच और सरल स्वभाव के कारण हलधर जी लोगों के दिल में बसते हैं । उनकी रचनाएँ सुनने के लिए बहुत बड़ी संख्या में लोग आते हैं । उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में उनके अनुयायियों (followers) की संख्या बहुत अधिक है । लोग उनकी कही बातों का अनुसरण करते हैं ।

हलधर जी की स्मरण-शक्ति कमाल की है । अब उनकी उम्र 65 वर्ष की है, पर इतनी उम्र होने के वावजूद भी उनको अपनी सभी कवितायेँ और २० महाकाव्य याद है (जो अब तक वह लिख चुके हैं)

उपलब्धि :

    हलधर जी ने कविता के क्षेत्र में बहुत ही अतुलनीय योगदान दिया है । उनकी पहचान एक कवि-योद्धा के रूप में की जाती है । उनकी कविताओं में एक स्पष्ट सन्देश होता है । उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर गहरी चोट की है । इसके अतिरिक्त……..

  • इस महान कवि को इस वर्ष 2016 में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा, बहुत ही प्रतिष्ठित पदम् श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है ।
  • इस महान कवि को अब तक 330 संस्थाओं ने सम्मानित किया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है ।
  • संबलपुरी-कोशली भाषा को, संविधान की 8 वीं अनुसूची में शामिल कराने में इनका अहम् योगदान है ।
  • हलधर जी के कविता संग्रह पर पांच विद्वान लोगों ने पीएचडी की है ।
  • हलधर जी अब तक संबलपुरी-कोशली भाषा में २० से अधिक महा-काव्य की रचना कर चुके हैं । काव्य- श्रृंखला है, “Surut 'और मोरा” “Achhia,  Bachhar, Mahasati Urmilla, तारा Mondodari,  सिरी Samalai,  PremPaichan,  वीर सुरेंद्र साई,  Santha काबी Bhimabhoi, Rushi काबी गंगाधर' आदि।
  • उनका एक मशहूर कविता-संग्रह जल्दी ही संबलपुर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित किया जाएगा और यह कविता-संग्रह विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा ।

इनके जीवन-चरित्र को देखकर यह कहा जा सकता है, कि हलधर नाग जी अपने आप में संघर्ष से सफलता का एक जीता-जागता प्रमाण हैं । वह स्वयं में एक प्रेरणा हैं ।  उनका जीवन असाधारण है । वह नए कवियों के लिए एक आदर्श हैं ।

दोस्तों,

      इस महान कवि की सच्ची कहानी को आपसे share करने के पीछे मेरा मकसद, देश के असाधारण प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व से आपका परिचय कराने का था ।

      हलधर जी की जीवन यात्रा, हम सभी के लिए एक प्रेरणा है  एक बाबर्ची से एक महान कवि बनने तक का सफ़र, अपने आप में सफलता की एक अनूठी और जीती-जागती मिशाल है । 

      इनकी महान उपलब्धियों को देखकर यह कहा जा सकता है कि “ यदि कोई व्यक्ति कुछ पाना चाहता है/कुछ करना चाहता है, तो विपरीत से विपरीत परिस्थितियाँ भी उसको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती । कोई भी सामान्य से सामान्य व्यक्ति अपने जीवन संघर्ष, मेहनत और विश्वास की बदौलत सफलता की बुलंदियों को हासिल कर सकता है " 

दोस्तों,

     आप भी इस महान कवि “ पदम् श्री, हलधर नाग जी ” के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकते हैं, और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं

 

                                         आपके श्रेष्ठ और सफल जीवन का आकांक्षी……………

आपका अपना दोस्त

प्रणव भारद्वाज

 

( दोस्तो, पदम् श्री पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक उच्च-कोटि का सम्मान होता है, जो समाज/देश के विकास में योगदान करने वाले विभिन्न क्षेत्रों के सम्मानित व्यक्तियों को माननीय राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है । )

 


खुला आमंत्रण


दोस्तो, 
        यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  motivational story, article, कविता, idea, essay, real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों ) ……………… 

        जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

        तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

        पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी website www.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।  

धन्यवाद!!!

 

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2 Comments on Most Inspirational Personality : Padam Shree Haldhar Nag Ji

Harmohan Parhi said : Guest Report 2 years ago

Dil k Bat Mera Man K Bat....... दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन आ सके। Creative & Positive change For You..... God Bless You.......

Harmohan Parhi said : Guest Report 2 years ago

Dil k Bat Mera Man K Bat....... दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन आ सके। Creative & Positive change For You..... God Bless You.......

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