PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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shuruaat

 

एक नयी शुरुआत

 

दोस्तो,

      एक शहर में एक Private School था, जिसमें मोहित नाम का एक व्यक्ति शिक्षक के रूप में कार्य करता था । मोहित बहुत ही कर्मठ और योग्य व्यक्ति था । वह बच्चों को अच्छे से पढ़ाने के साथ-साथ स्कूल के अन्य कार्यों (administrative works) को भी पूरी ईमानदारी के साथ करता था ।

      उसकी योग्यता से प्रभावित होकर, School Manager ने उसे School का Principal बना दिया । अन्य शिक्षक, मोहित की इस तरक्की से खुश नहीं थे, और मन ही मन उससे ईर्ष्या करते थे ।

      उन्हीं में से एक शिक्षक जिसका नाम अमित था, एक दिन Manager के पास आया और बोला : Manager Sir ! मैं आपको मोहित के बारे में एक बात बताना चाहता हूँ । आप मेरी बात ध्यान से सुनियेगा ।

      Managar ने कहा : मुझे यह जानकर बहुत ख़ुशी हुई कि आप मेरे शुभचिंतक हो, और school के बारे में सोचते हो । मैं आपकी बात पूरे ध्यान से सुनूंगा ।

      लेकिन बात बताने से पहले तुम्हें मेरी तीन बातों का जवाब देना होगा । यदि मैं  तुम्हारे जवाब से संतुष्ट हुआ तभी मै तुम्हारी बात सुनूंगा ।

अमित : ठीक है ! पहले आप अपने सवाल पूछियेगा !

    Manager  : मोहित के बारे में जो बात तुम मुझे बताने जा रहे हो ! क्या तुम दावे के साथ कह सकते हो कि वह बात पूरी तरह सही है ?

अमित : नही ! पर मैंने ऐसा सुना है कि ……….

Manager ( अमित की बात बीच में ही काटते हुए ) : इसका मतलब यह हुआ कि तुम  पूरी तरह से आश्वस्त (confirm) नहीं हो, कि वह बात सही है । खैर कोई बात नहीं !  अब तुम मेरे दूसरे सवाल का जवाब दो । 

अमित : जी ! पूछिये 

   Manager : जो बात तुम मुझे बताना चाहते हो, क्या उसमें कोई अच्छी बात है ? क्या कुछ ऐसा है जिससे कुछ अच्छा सीखा जा सके ?

अमित : नही ! लेकिन वो तो…….

Manager (बीच में टोकते हुए) : अमित ! अभी मेरी तीनो बातें पूरी नही हुई है ।

अमित : ठीक है, पहले आप अपनी बात पूरी कर लीजिएगा ।

Manager : जिस बात को बताने के लिए तुम इतने उतावले हो रहे हो ! क्या वो मेरे फायदे की है ? क्या वो मेरे किसी काम की है ?

अमित बहुत परेशान हो गया और वह दुखी स्वर में बोला : Manager Sir, पहले आप मेरी पूरी बात सुन तो लो !

Manager : बस हो गया ! जो बात तुम मुझे बताना चाहते हो…..

  • न तो वह सच है !
  • न ही अच्छी/भली है !
  • और न ही मेरे किसी काम की है !

तो उस बात को जानकर मैं अपना और तुम्हारा कीमती समय क्यों बर्बाद करूं ?

इससे बेहतर होगा की मैं अपना समय कुछ अच्छी बातों में व्यतीत करूँ, जिससे मेरा और तुम्हारा कुछ भला हो ।

अमित को अपनी गलती का आभास हो गया। उसे समझ आ गया कि किसी की बुराई करने में किसी का फायदा नहीं है ।

        मित्रों ! हम लोग भी तो जाने अनजाने में इन सुनी-सुनाई बातों में अपना कीमती समय बर्बाद करते रहते है हम लोग जीवन में सुनी-सुनाई बातों को लेकर बाते बनाते रहते हैं, और यह भी नही सोचते कि क्या वो बात सही भी है या नहीं !

और अगर सही भी है, तो क्या वो हमारे काम की है? या हमारे लिए अच्छी है?

       यह देखा गया है कि अक्सर सुनी सुनाई बाते बहुत नुक्सान पहुंचाती है और कभी-कभी तो ये बाते इतना भयानक रूप ले लेती हैजो पुराने से पुराने रिश्तो को भी चुटकी में खत्म कर देती है ।

मित्रो !

       आपको जानकर हैरानी होगी इस समस्या का उम्र से कोई लेना देना नहीं बल्कि यह समस्या हर उम्र के लोगों में पायी जाती है । यह सुनी-सुनाई बातें पति – पत्नी के बीच, पिता-पुत्र के बीच, भाई-बहिन के बीच, employer-employee के बीच या यूँ कहें हर तरह के मधुर संबंधों में कडवाहट घोल देती हैं

      आये दिन हम, हमारे समाज में लोगों को लड़ते देखते हैं, रिश्तों को बिगड़ते/टूटते  देखते है, लेकिन यदि हम इस समस्या के जड़ में जाने की कोशिश करें तो हम आसानी से यह कह सकते हैं की इनके पीछे यही सब सुनी-सुनाई बातें होती हैं, जिनका हकीकत से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं होता है ।

दोस्तो,

       जब भी कोई ऐसी बात आपके सामने आये, तो उसे सुनने/अपनाने से पहले अपने-आप से यही तीन सवाल करें । और यदि आप इन तीन सवालों के जवाबों में से किसी एक सवाल के उत्तर से पूरी तरह संतुष्ट हो तभी उन बातों को सुनें/अपनाएँ ।

यदि आप इस महत्वपूर्ण बात को अपने जीवन में अपनाएंगे तो न सिर्फ आप अपना कीमती समय और ऊर्जा बचायेंगे बल्कि आप अपने रिश्तों को भी पूरी honesty के साथ निभा पायेंगे ।

तो आइये…….

अब से इन सुनी-सुनाई बातों को कहें और

सफल जीवन की एक मजबूत और नयी शुरुआत करें !!

 

आपके खुश-हाल जीवन का आकांक्षी…….

आपका अपना दोस्त

Pranav Bhardwaj


 खुला आमंत्रण


दोस्तो, 
        यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  motivational story, article, कविता, idea, essay, real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों ) ……………… 

        जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

        तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

        पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी website www.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।  

धन्यवाद!!!

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1 Comment on Ek Nayi Shuruaat…..

Reshu Sharma said : Guest Report one year ago

very inspired story...

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