PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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Meri Zindagi – Meri Marji

By on February 28th, 2016

मेरी जिंदगी – मेरी मर्जी 

दोस्तो,

आपने आज तक अनेक महान लोगों के जीवन संघर्ष के बारे में पढ़ा/सुना होगा । कैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों से निकलकर समाज और देश को नयी दिशा दी । पर आज मैं आपको कुछ अलग बताने जा रहा हूँ ।

आज मैं आपको उन लोगों से मिलाना चाहता हूँ, उनके बारे में आपको कुछ बताना चाहता हूँ जो हमारे आस-पास ही हैं, या यूँ भी कह सकते हैं कि वो हममें से ही एक हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और जीवन- संघर्ष के द्वारा अपनी काँटों से भरी जिंदगी को फूलों की मनमोहक खुशबू से रोशन कर दिया ।

दोस्तो,

एक शहर में रामू (काल्पनिक नाम ) का एक अत्यंत गरीब व्यक्ति रहता था I  

रामू अपने पापा और दो छोटे भाइयों  के साथ किराये के मकान में रहता था I रामू की उम्र 25 वर्ष थी, और वह कक्षा 5 तक पढ़ा हुआ था । घर-खर्च चलाने के लिए रामू अपने पापा के साथ फल की ठेली लगाता था । रोज जो आमंदनी (income) हो जाती थी, उसी से घर खर्च चलता था, जिंदगी बहुत कठिनाई से आगे बढ़ रही थी ।  एक-एक दिन काफी मुश्किल लगता था । एक दिन रामू ने सोचा – रामू जो जिंदगी तुम जी रहे हो, उसे जिंदगी जीना नहीं कहते । ऐसी जिंदगी जो सिर्फ नाम के लिए तुम्हारी है पर हकीकत में उस पर न तो तुम्हारा कोई अधिकार है, और न ही तुम उसे अपनी तरह से जी सकते हो, ऐसा लगता है की जिंदगी नाम के लिए तो तुम्हारी है पर उस पर पूरा अधिकार परिस्थितियों का है । ऐसी जिंदगी जीने का कोई मतलब नहीं है ।  रामू ने अपने आप को समझाया कि अगर मैंने समय रहते हुए कुछ अच्छा नहीं किया, तो जिंदगी को जीना एक बुरे सपने से कम नहीं होगा । वह हर वक़्त इसी दिशा में सोचने लगा । रामू ने तय किया कि चाहे कुछ भी हो जाए वो हर हाल में अपनी जिंदगी खुश-हाल बनाकर रहेगा । उसने ईमानदारी से सारी परिस्थितियों का आंकलन किया और उसने अपनी परिस्थितियों को चुनौती के रूप में स्वीकार किया । उसने अपने आप से कहा कि मुझे भी सम्मान के साथ जीने का अधिकार है । मैं भी एक-खुश हाल जिंदगी जीना चाहता हूँ, और मैं अपना अधिकार हासिल करके रहूँगा । रामू ने काफी सोच-विचार के बाद तय किया कि वो तो ज्यादा पढ़ा-लिखा है नहीं और अब घर कि परिस्थिति  भी  ऐसी नहीं हैं कि आगे पढ़ सके । उसने अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए एक योजना पर काम शुरू किया । उसने सोचा कि एक तरफ वो अपना काम पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ करेगा, और दूसरी तरफ वो अपने दोनों भाइयों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलवाएगा, ताकि परिवार कि दिशा और दशा अच्छी बनायीं जा सके ।  उसने इसी सोच पर काम किया । वह  पूरी मेहनत से अपनी फल की दुकान पर काम करता और अपने दोनों भाइयों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करता था । उसने अपने दोनों भाइयों को खूब अच्छे से पढाया । स्कालरशिप(scholarship) की भरपूर मदद ली ।  ज़रूरत हुई तो लोगों/रिश्तेदारों  से कुछ धन-राशि उधार ली पर अपने भाइयों की पढाई में कोई रूकावट नहीं आने दी ।  ज्यादा से ज्यादा काम किया ।  अपने दोनों भाइयों को अच्छे से पढाया ।  

रामू की मेहनत रंग लायी ।  रामू की चाहत देखकर उसके दोनों भाइयों ने जम कर मेहनत की । दोनों भाई खूब मन लगाकर पढने लगे ।  रामू का एक भाई अच्छे कॉलेज से M.C.A करके एक अच्छी कंपनी में कंप्यूटर इंजिनियर बन गया और छोटा भाई सरकारी कॉलेज में PROFESSOR बन गया सब कुछ पूरी तरह से बदल गया ।  

दोनों भाइयों ने मिलकर रामू को शहर के प्रतिष्ठित बाज़ार में दुकान दिलवाई और वहां रामू ने रेडिमेड कपड़ों का काम शुरू किया । धीरे- धीरे समय बदलने लगा । आज रामू के पास 10 लोगों का सेल्स स्टाफ  हैं । अच्छा कारोबार है अपना मकान है शहर में उसकी खुद कि एक पहचान है  और वो इज्जत का साथ अपना जीवन जी रहा है ।

रामू आज बहुत खुश है, उसने जो सपना देखा था, आज उसका सपना साकार हो गया ।  आज वो एक खुश-हाल जीवन का मालिक है । वो पूरे मान सम्मान के साथ अपनी जिंदगी को अपनी तरह/शर्तों पर जी रहा है । आज उसे अपनी जिंदगी अच्छी लगने लगी है । अब वह जैसे चाहे वैसे जिंदगी को जी सकता है । अब उसकी जिंदगी पूरी तरह से उसी के ऊपर निर्भर है न कि परिस्थितियों के । कल तक जो रामू फलों कि ठेली लगाता था आज उसकी खुद की एक दुकान है वो भी शहर के सबसे प्रतिष्ठित बाज़ार में । उसका सपना हकीकत में बदल चुका था । कल तक जो लोग रामू को पहचानने को तैयार नहीं थे, उसे सम्मान नहीं देते थे लेकिन आज वही लोग रामू को बड़ी मान-सम्मान की नजर से देखते थे ।

दोस्तों,

आपको ऐसे न जाने कितने उदहारण अपने आस पास ही मिल जायेंगे ।

यदि आप भी अपने जीवन में सफल होना चाहते हो तो आपको सफलता के इस मंत्र को जीवन में अपनाना होगा । यकीन मानिये आपकी सफलता सुनिश्चित है ।

आइये सफलता के इस मंत्र को समझने की कोशिश करते हैं. क्या है यह मंत्र? और यह कैसे काम करता है?

सफल होने के लिए रामू ने क्या किया?

दोस्तों,

सबसे पहले रामू ने परिस्थितियों के आगे झुकने से इनकार कर दिया । उसने परिस्थितियों को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और एक सपना देखा…

सपना ……..अमीर बनने का

सपना ………….एक खुश-हाल जीवन जीने का

सपना ……….पूरे मान-सम्मान के साथ जीवन जीने का

और उस सपने को हकीकत बनाने के लिए अपनी पूरी जी-जान लगा दी और आज रामू का सपना साकार हो गया । आज वो सफल है । जो उसने चाहा, उसने हासिल कर लिया ।  

दोस्तों सफल होने का यही एक फार्मूला है ।    

सफल होने के लिये हमें केवल इतना करना है कि हम यह तय करें की हम कैसी जिंदगी जीना चाहते हैं? और फिर अपनी परिस्थिति का पूरी ईमानदारी के साथ खुले मन से आंकलन करें । अपनी ताकत/कमजोरी पहचाने । अपनी कमजोरी को दूर करने की  कोशिश करें और अपनी ताकत/रूचि के आधार पर जीवन की रूप-रेखा तय करें । एक सपना देखें कि आप किस तरह की जिंदगी जीना चाहते है? उस सपने को जीयें ।  उस सपने को अपने जीवन का अभिन्न अंग मानें और उसकी पूरी योजना बनाकर अपनी पूरी ताकत के साथ उस सपने को पूरा करने में जुट जाएँ । यदि आप जिंदगी को इस तरह से जियेंगे तो  परिस्थिति चाहे कैसी भी क्यों न हो? आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता, कोई भी नहीं, आप स्वयं भी नहीं ।

आपकी सफलता सुनिश्चित है ।

दोस्तों,

आपने देखा होगा, कि जब हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (immune system) कमजोर हो जाती है तब हमारे शरीर पर काफी तरह की बीमारी हावी होने लगती हैं और जब हम कमजोर होने लगते हैं तो छोटी से छोटी बीमारी (सर्दी, जुकाम या खांसी-बुखार) भी हमें काफी तकलीफ पहुचाती है । यहाँ समझने वाली बात है कि बीमारी बड़ी नहीं है बल्कि हमारा शरीर कमजोर है । यदि हमारा शरीर ताकतवर होता तो क्या हम बीमार हो सकते थे?

दोस्तों,

यही परिस्थितियों के साथ होता है, जैसे ही हम या हमारे विचार कमजोर पड़े वैसे ही परिस्थितियां बड़ी हो जाती हैं और धीरे- धीरे हमारे जीवन का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेती हैं, और हम जाने अनजाने ही परिस्थितियों के सामने पूरी तरह से आत्म- समर्पण (surrender) कर देते हैं । लेकिन यदि हम तय कर लें की हमें परिस्थितियों के सामने झुकना  ही नहीं है, हमें परिस्थितियों के हाथ की  कठपुतली नहीं बनना है बल्कि परिस्थितियों को अपना दास बनाना है ।  परिस्थितियों से कहना है की मैं परम पिता परमेश्वर कि सबसे खूबसूरत रचना हूँ । मुझमे वो सारी योग्यतायें है जो एक सफल जीवन जीने के लिए चाहिए । मैं इतना कमजोर नहीं कि मुझे मेरी परिस्थितियां जैसे चाहें वैसे नचाये । ये जिंदगी मेरी है! मेरी स्वयं की! और मुझे मेरी जिंदगी-मेरी मर्जी से जीने का पूरा अधिकार है । जिंदगी मेरी है तो मर्जी भी मेरी ही चलेगी न कि परिस्थितियों की । जिस पल आपने इस तरह से सोचना शुरू किया, आपकी यह सोच आपको हर तरह से सशक्त(ताकतवर) बना देगी और आप देखोगे की आपके विचारों की ताकत के आगे हर तरह की परिस्थितियां बौनी साबित हो जाएंगी, और आप जीवन के हर क्षेत्र में कामयाबी के साथ आगे बढोगे ।

दोस्तो,

ऐसा कहा भी गया है कि………..

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत

इसका मतलब साफ़ है कि हमारी सफलता/असफलता पूरी तरह से हमारे खुद कि सोच पर निर्भर करती है न कि परिस्थिति पर ।

(दोस्तों, यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक इंसान के जीवन की संघर्ष और सफलता की सच्ची जीवन यात्रा है। दोस्तों, यहाँ मैंने उस व्यक्ति का नाम और उसकी पहचान गुप्त रखी है क्योंकि मैं नहीं चाहता कि किसी भी व्यक्ति विशेष कि पहचान सार्वजानिक हो और उसकी भावनाएं आहत हों लेकिन मेरा यह प्रयास था कि मैं उस व्यक्ति के जीवन संघर्ष को आपके सामने रखूँ ताकि कोई भी यह जान/सीख सके कि यदि हम तय कर ले तो कुछ भी मुश्किल नहीं है । उसका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है की कैसे हम विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं। उसका जीवन संघर्ष किसी के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बन सकता है ।)

दोस्तों आप भी रामू कि तरह अपने जीवन को सफल बना सकते हो । आप भी सफलता के इस मंत्र को अपने जीवन में अपनाकर जीवन के हर क्षेत्र में अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हो, बस जरूरत है तो खुद से पूरे आत्म- विश्वास के साथ इतना कहने की………..

भाई ! यह जिंदगी मेरी है, मेरी खुद की !

तो यहाँ मर्जी भी मेरी ही चलेगी, और सिर्फ मेरी ही चलेगी………

 

                                                                  आपके उज्जवल और खुशहाल भविष्य का आकाँक्षी…………

आपका अपना दोस्त

प्रणव भारद्वाज


खुला आमंत्रण


दोस्तो,
       यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  Motivational Story, Article, कविता, Idea, Essay, Real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों )…………..

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      तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें

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धन्यवाद!!!

 

 

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