PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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Zinda Hoon Main

By on January 19th, 2016

जिंदा हूँ मैं

दोस्तो,

                                              जब कोई भी आपका साथ न दे,

                                                      जब कुछ भी आपके नियंत्रण में न हो,

                                              चारों ओर निराशा का घनघोर अँधेरा हो,

                                                     जब दुनिया आपकी हंसी बनाये,

                                              परिस्थितियां पूरी तरह से आपके विपरीत हों,

                                                    आपको कुछ भी समझ न आ रहा हो,

   तब भयंकर और विपरीत परिस्थितियों में आप अपने दिल पर हाथ रखिये :-

   एक आवाज आ रही है, क्या?

हमारी सांसों की आवाज……..सही सुना आपने, हमारी अपनी सांसों की आवाज!

          अब आप कल्पना कीजिये, यदि कोई काफी अमीर व्यक्ति (जिसके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं है) जो काफी बीमार है, जो अस्पताल में अपने जीवन की अंतिम लड़ाई लड़ रहा है, उसका जीवित बचना काफी मुश्किल है, इन प्रतिकूल परिस्थितियों में उसके(अमीर व्यक्ति) और उसके शुभचिंतकों के मन में क्या चल रहा होगा???

वो क्या सोच रहे होंगे?

          वो सभी लोग केवल और केवल एक ही चीज सोच रहे होंगे वो यह……….

कि हे भगवान्! आप मेरा सब कुछ ले लो! पर मुझे स्वस्थ कर दो। बस मुझे मेरी सांसे लौटा दो ।    

अब समझ आया आपकी सांसों की आवाज का मतलब….

         कितनी अनमोल हैं ये

मतलब साफ है, कि आप और आपका जीवन बहुमूल्य है । उसका कोई भी मूल्य नहीं लगाया जा सकता….क्योंकि वो अमूल्य है।

         तो, दोस्तो, जब परिस्थितियां कितनी भी विषम क्यों न हों, मन से केवल और केवल यही आवाज आनी चाहिए कि मैं और मेरा जीवन अमूल्य है. मेरी जगह कोई नहीं ले सकता ।

मैं परम पिता परमेश्वर की संतान हूँ और

मैं किसी भी तरह से…….किसी से भी……किसी भी बात में कम नहीं हूँ ।

        आप अपने बचपन से भी काफी कुछ सीख सकते हैं । आप अपने आप से कह सकते हैं, कि जब मैं छोटा था, जब मैंने चलने की शुरुआत की थी तो न जाने कितनी बार गिरा था, कई बार रोया भी था तो क्या मैंने हार कर, चलना छोड़ दिया था?

 नहीं……..बिलकुल भी नहीं ।

मैंने फिर से कोशिश की बार-बार कोशिश की और फिर मैं न केवल चलने लगा बल्कि काफी तेज दौड़ने भी लगा ।

        मतलब मेरा लक्ष्य था चलना लेकिन मैंने जिद की और कोशिश की, तो मैंने अपने  लक्ष्य से भी ज्यादा और बहुत ज्यादा पाया (मतलब मैं न सिर्फ चलने लगा बल्कि मैं पूरी गति के साथ दौड़ने भी लगा)

        जब मैं छोटा था तब मैंने हिम्मत नहीं हारी, हौसला नहीं खोया तो आज जब मैं बड़ा हो गया हूँ सब कुछ समझ सकता हूँ, जब पूरी तरह से समर्थ हूँ तो क्या कारण है की मैं जो चाहुँ वो पा न लूँ …………कोई कारण नहीं ।

मैं जो चाहूँगा उसे पाकर ही दम लूँगा, मैं आज फिर से उठ खड़ा हो जाऊंगा और फिर से एक नयी शुरुआत करूँगा ।

दोस्तो,

        परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी क्यों न हों यदि आप इस तरह से सोचोगे, तो आपका एक नया जन्म होगा आपके चारो तरफ जो निराशा का माहौल है उसमें आशा और विश्वास की उज्जवल किरण फूटेगी और आपके चारों तरफ सफलता ही सफलता होगी। जो पीछे छूट गया, उसे आप भूल जाओ!

        वो कहावत भी तो है,

बीती ताहे बिसार दे,

                  आगे की सुध ले!

        अगर बीती हुई जिंदगी से कोई सबक लेना चाहो, तो ले लो और भुला दो ।

एक नयी जिंदगी, एक नया सवेरा आपका स्वागत करने को बेक़रार है

जरुरत है तो अपने आप से कहने कि और पूरी ताकत के साथ कहने की………..

मैं जिन्दा हूँ

और मुझे अपनी जिंदगी अपने तरह से जीने का पूरा अधिकार है ।

        अब आप अपना पूरी ईमानदारी से आंकलन करो और पूरे आत्म-विश्वास के साथ अपने जीवन का लक्ष्य को निर्धारित करो ।

        और फिर जो भी लक्ष्य आपने अपने लिए निर्धारित किया है उसका अपने मन में शानदार चित्र बनाओ और पल प्रति पल उसको पाने की दिशा में आगे बढ़ो अपने आप को बोलो की मैं अपने काम को बेहतर से बेहतर तरीके से करूँगा और अपना लक्ष्य पाकर ही दम लूँगा ।

“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये”

 Swami Vivekanand

दोस्तो,

         आप देखोगे आपकी शक्ति असीमित हो जाएगी और आपने जो सोचा है आप उसे बडी ही आसानी के साथ पा लोगे।

                                                     

                                                            आपके उज्जवल और खुशहाल भविष्य का आकाँक्षी……………..

आपका अपना दोस्त

प्रणव भारद्वाज


खुला आमंत्रण


 

दोस्तो,
       यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  Motivational Story, Article, कविता, Idea, Essay, Real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों )…………..

      जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

      तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें

      पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी websitewww.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।

धन्यवाद!!!

 

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