PRANAV BHARDWAJ
Motivational Speaker / Writer

दोस्तो, मेरी हमेशा से यही कोशिश रही कि मैं कुछ ऐसा करूँ, जिससे देश/समाज में रचनात्मक व सकारात्मक परिवर्तन (Creative & Positive change) आ सके। मैंने अपनी इसी सोच के तहत परम पिता परमेश्वर के आशीर्वाद से यह website बनायी है.......

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competition
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Competition………Wo Kya Hota Hai???

By on January 12th, 2016

दोस्तो,

        आज मैं आपका सबसे बड़ा भ्रम दूर करने की कोशिश करूँगा ।

  Competition

        ये एक ऐसा शब्द है जो हमें दिन में 3 / 4 (तीन/चार) या उससे भी कहीं ज्यादा बार पढ़ने/सुनने को मिलता है।

        समाज में, घर में, टीवी पर, ऑफिस में, स्कूल में, फेसबुक पर, अखबार में और न जाने कहाँ कहाँ? आप हर जगह केवल और केवल एक ही बात सुनते हैं……….

              Competition  बहुत ज्यादा है और इसको सही साबित करने के लिए अनगिनत कारण गिना दिए जाते हैं ।

        ऐसा लगता है की इस दुनिया में अगर कुछ है तो केवल और केवल Competition ही  है। एक ऐसा artificial  वातावरण बना दिया गया है, जिसके डर से न जाने कितने लोगों का जीवन बर्बाद हो गया और निरंतर हो रहा है ।  

        यह एक ऐसा atificial डर है, जिससे लोग काम शुरू करने से पहले ही असफल होने की सोचने लगते हैं। इस शब्द ने न जाने कितने लोगों के सपने चकनाचूर कर दिए, इसका इतना दबाव है जिसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

        इस काल्पनिक डर को ऐसे प्रचारित किया जाता है की अब ये वास्तविक लगने लगा है ।

दोस्तो,

      आइये इसकी हकीकत जानने की कोशिश करते हैं……..

  • आपको अपना मकान बनवाना है आप design के लिए Architect की खोज शुरू करते हैं, आपको कम से कम 50 architects मिल जाएँगे लेकिन उनमें ऐसे कितने होंगे जो आपके मन की बात को समझेंगे और जो आप चाहते हैं उससे भी बेहतरीन डिज़ाइन ऑफर करेंगे वो भी काफी किफायती दर पर …….शायद 1 या max 2
  • अभी तक आप न जाने कितने teachers से पढ़े होंगे पर यदि आप दिल से पूछें तो आप केवल 2 या max 3 teachers को दिल से respect देना चाहेंगे।
  • आप अपनी जिंदगी में कितने डॉ.(doctors) से मिले होंगे पर ऐसे कितने डॉ. हैं जिनको आप अच्छा और सच्चा डॉ. कह सकते हैं?
  • आपने अपने जीवन में न जाने कितने रेस्टोरेंट में खाना खाया होगा पर कितने ऐसे restaurants हैं जहाँ आप बार बार जाना चाहोगे?

     आइये इसे और detail में समझने की कोशिश करते हैं………..

  • आपको एक अच्छा स्कूल खोलना है उसके लिए आपको अच्छे teachers चाहिए मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ की आपके भरपूर प्रयास के बाद भी आपको अच्छे teachers ढूंढने में बहुत मुश्किल आएगी, हो सकता है की आपको १० teachers चाहिए तो आपको 4 या max 5 teachers मिलें (ज्यादा से ज्यादा) बाकी आपको ऐसे ही काम चलाना पड़ेगा।
  • आपको एक कंपनी खोलनी है उसके लिए आपको skilled और अच्छे employees चाहिये पर यदि आपको २० की जरुरत है तो  आप अपनी लाख कोशिशों के बाद भी maximum to maximum 8  या 10 ही पाओगे और आपको केवल नाम के employee से ही काम चालना होगा।
  • यदि आप कोई दुकान खोलना चाहें और आपको 5 salesmen की जरुरत हो, तो आपको ज्यादा से ज्यादा 3 और बाकी नाम के salesman.
  • आप देश के स्तर पर देख सकते हो आज ऐसे कितने नेता हैं जिनको हम दिल से सम्मान कर सकते है और एक अच्छा नेता कह सकते है जिन पर हम ये विश्वास कर सकते हैं कि चलो अब हमारा देश सुरक्षित हाथों में हैं?
  • आपको एक अच्छा Infrastucture project मिला है और उसको पूरा करने के  लिए आपको २०० Engineers चाहिए ………….आपको मिलेंगे max 120 or 140 बाकी आप जानते ही हैं ।
  • ऐसे कितने Builders हैं जिनके बारे में हम ये सोच सकते हैं की इनका प्रोजेक्ट बहुत अच्छा है?
  • एक वर्ष में ऐसी कितनी movie आती हैं जिनको हम बार बार देखना चाहे?
  • हमारे देश के ऐसे कितने Scientist हैं जिनका हमारे देश के विकास में बहुत अतुल्य योगदान रहा हो?
  • ऐसे कितने लेखक हैं जिनकी रचनाओं ने  हमारे मनमस्तिस्क को छुआ हो?
  • ऐसे कितने व्यापारी, दुकानदार, होटल, सेल्समेन, ड्राइवर्स, mechenics, compounders, प्लेयर्स, writers, coach, पत्रकार, धर्मगुरु, अधिकारी, volunteers, painters, designers, photographers, ज्योतिषि, आर्टिस्ट, डांसर्स, कलाकार और न जाने क्या क्या ……………

                            (दोस्तों, यहाँ कुछ लोग ये भी तर्क दे सकते हैं की क्योंकि कम्पटीशन बहुत अधिक है तभी कम लोग आगे निकल पाते हैं ……….नहीं दोस्तों ऐसा नहीं है क्योंकि अगर आप अच्छे हैं और अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं तो आपकी अच्छाई को दबाया नहीं जा सकता )

        हमारा देश कितना विशाल है? ( आबादी 125 करोड़)

        ऐसा नहीं है की हमें अच्छे लोगों की जरुरत नहीं है।

        ऐसा भी नहीं हैं की हमारे देश में इतने ज्यादा लोग हैं की हमें उनमे से अच्छा चुनने में दिक्कत होती है।

        असल बात ये है चाहे कोई भी field हो, कोई भी profession हो हर जगह अच्छे लोगों की भारी कमी है

        ये आप ऊँचे से ऊँचे लेवल पर या निम्न से निम्न लेवल पर देख सकते हैं/महसूस कर सकते हैं।

        अजीब बात है कि ग्राम के स्तर, पर शहर के स्तर पर, राज्य के स्तर पर, देश के स्तर पर, विश्व के स्तर पर हर स्तर पर हर field में, हर profession में, अच्छे लोगों की भारी कमी दिखाई देती है ।

दोस्तों,

        इससे भी विचित्र बात ये है कि यह खोज (अच्छे लोगों की) उच्च स्तर पे बहुत अधिकता से महसूस की जा सकती है,(विशेषकर देश के शीर्ष स्तर पर …) जो की बहुत गंभीर है ।

        मुझे आश्चर्य होता है की जब हमारे यहाँ इतना जबरजस्त scope है इतनी ज्यादा संभावनाएं हैं तो फिर किस बात का शोर है…………..कि                               

……….भाई competition बहुत है !

समस्या​……………

       समस्या ये है की जैसे बचपन में हमसे कहा जाता है की बेटा/बेटी अकेले में मत जाना नहीं तो भूत/हौआ (काल्पनिक डर) आ जाएगा और आपको काट लेगा जबकि भूत/हौआ नाम की कोई चीज है ही नहीं पर फिर भी वो हमारे दिमाग में अपनी जगह बना लेती है और हम चाहे कितने भी बड़े क्यूँ न हो जाएँ हम अकेले और सुनसान जगह में जाने से डरते हैं वैसे ही हमको बचपन से ही ये सिखाया जाता है की कम्पटीशन बहुत है……….जबकि ये कोरा सच है की अपने देश में हर क्षेत्र में अनगिनत संभावनाएं हैं ।

Solution

       समाधान केवल इतना है की आज हमारे देश में अपार संभावनाएं हैं, हम जो चाहें वो बन सकते हैं आसमान वाकई में बहुत बड़ा है…

  • हमें अपना वास्तविक आंकलन करना है (हमारी ताकत & हमारी कमजोरी)
  • हमे केवल और केवल वो चुनना है जो हम अपने दिल से करना चाहते हैं।
  • एक ऐसा काम या ऐसा field जिसमें हमारा मन लगता हो ।
  • जो हमारे interest का हो जिसमे चाहे कितना भी समय क्यों न लग जाए हमें  उसको करने में आनंद आये…….न की बोरियत लगे ।
  • हमें अपने काम को करने में ख़ुशी मिले ।
  • हम अपने काम में ऐसे खो जाएँ की हमें पता ही न लगे की वक़्त कैसे गुजर गया?
  • हम अपने काम को अपने शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा मानें ।
  • हम सोते जागते हर समय अपने काम में पूरी तरह से लगे रहें ।
  • आपको केवल और केवल अपने काम से प्यार करना है । आपको अपना काम पूरी ईमानदारी और समर्पण भाव से करना है ।
  • उस field में अपने आप को एक्सपर्ट बनाना है ।           
  • हमें केवल इतना ध्यान रखना है कि………….                                                                                                  हमारे काम का end user (अंतिम उपभोक्ता कौन है? )                                                                                    हम उसको क्या बेहतर से बेहतर दे सकते हैं?                                                                                                हम इसको ऐसे समझ सकते हैं………….                                                                                                     जैसे हम एक अच्छा डॉ. (doctor) बनना चाहते हैं…. तो इस case में हमारा अंतिम उपभोक्ता मरीज (patient) है, तो  हमारा focus पूरी तरह से हमारे मरीज की बेहतरी पर होना चाहिए।                                                            हमें ये निश्चित करना होगा कि…….                                                                                                                   कैसे हम उसे बेहतर से बेहतर सलाह दे सकते हैं?                                                                                              कैसे हम उसका बेहतर से बेहतर इलाज कर सकते हैं?                                                                                        कैसे हमारा मरीज जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो सकता है?                                                                                      और ये सब कुछ ,वो भी किफायती से किफायती दर पर  ………                                                                                               यदि आप इस दिशा में पूरे समर्पण भाव से और पूरी ईमानदारी के साथ काम करते हैं, तो आप देखोगे की आपके लिए Market में न तो कोई कम्पटीशन है और न ही भविष्य में कभी होगा । 

दोस्तों,

         ये universal law हैं, और ये उपरोक्त नियम सभी जगह समान रूप से लागू होते हैं, यदि आप इन छोटे पर अति महत्वपूर्ण नियमों को अपने जीवन में उचित स्थान देंगे तो यकीन मानो आप इस कम्पटीशन नाम के रोग से सफलतापूर्वक छुटकारा पा लोगे और अपने जीवन में हर ख़ुशी हासिल करोगे जो आप सच में हासिल करना चाहते हैं या उससे भी कहीं ज्यादा ।

दोस्तों 

   ये कम्पटीशन तो उनके लिए है जो अपना काम केवल काम समझकर करते हैं।  जिनको काम के नाम पर काम करना है।  जो अपना काम बेईमानी से करता हैं, जिनको दिखावा करने में अच्छा लगता है जिनके मन में हर वक्त ये डर रहता है  की कहीं कोई मेरे से आगे न निकल जाए जो हर वक़्त जल्द्बाजी में रहते हैं जो देने से ज्यादा वसूलने में विश्वास करते है।

 

एक प्रसिध्द कहावत………..

            “ जब तक आदमी काम को कर्तव्य समझकर करता है, उसका जीवन गुलाम का होता है, पर जिस दिन वो उस काम को अपनाकर करता है ,उस दिन उसके जीवन में सुख और आनंद की शुरुआत होती है……..और इससे बेहतर पल जीवन में कुछ भी नहीं

                                     मैक्सिमम गोर्की (रूसी साहित्यकार)

दोस्तों,

   अभी February/March 2016 में काफी बच्चों के board एग्जाम है मेरी आपसे अपील है की आप पुरे शांत दिमाग से अपने एग्जाम दो आपको केवल इतना करना है की आपको अपना काम(पढाई) पूरी ईमानदारी से करना है और फिर आप देखोगे की आप न सिर्फ एग्जाम में सफल होगे बल्कि जिंदगी के हर exam में सफल हो जाओगे

दोस्तों,

   आकाश बहुत विशाल है, संभावनाएं अपार हैं, अवसर अनगिनत हैं आपको केवल अपने मन की बात सुननी हैं और पूरे समर्पण भाव से पूरी ईमानदारी के साथ उस राह पर पूरी हिम्मत के साथ आगे बढ़ना है ……………आप देखोगे competition—wompetition (कम्पटीशन- वम्पटीशन) नाम की कोई चीज exist ही नहीं करती

   और फिर भी अगर कोई आपसे कहे की कम्पटीशन बहुत है तो उनसे कहना ……………enlightened

 

Competition………वो क्या होता है???

 

                                                                                आपके भविष्य की  खुशियों  का आकांक्षी………….

                                                                                                                                       आपका अपना दोस्त                                                                                                                                                प्रणव भारद्वाज


खुला आमंत्रण


दोस्तो, 
        यदि, आपके पास Hindi/English या Hinglish में कोई  motivational story, article, कविता, idea, essay, real life experience या कोई जानकारी  या  कुछ  भी ऐसा जिसे पढ़कर कुछ अच्छी सीख मिले ( चाहें वो आपके अपने मन से वयक्त किये गए हों या आपने कहीं पढ़े हों ) ……………… 

        जिसे आप हमसे share करना चाहते हैं ।

        तो, आप अपना कंटेंट (content) मुझे  info@motivatemyindia.com  पर mail कर सकते हैं  आपसे अनुरोध है कि (content) के साथ अपना एक फोटो भी भेजें।

        पसंद आने पर आपका कंटेंट जल्दी ही आपकी फोटो के साथ पर आपकी अपनी websitewww.motivatemyindia.com प्रकाशित कर दिया जाएगा ।  

धन्यवाद!!!

 

 

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1 Comment on Competition………Wo Kya Hota Hai???

Harish Bhardwaj said : Guest Report one year ago

Excillent article

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